होम छात्रों के आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत का शिक्षा तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त (कोलैप्स) हो चुका है और देशभर में छात्रों का आंदोलन इसी व्यवस्था के खिलाफ है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत का शिक्षा तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त (कोलैप्स) हो चुका है और देशभर में छात्रों का आंदोलन इसी व्यवस्था के खिलाफ है। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और छात्रों की समस्याओं को हर सरकार को गंभीरता से सुनना चाहिए।
इंस्टाग्राम पर Gen Z और छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह पहले भी देहरादून और कोटा में इस मुद्दे को उठा चुके हैं और अब प्रयागराज में भी छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि देश का मौजूदा शिक्षा तंत्र छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा बेहद महंगी हो चुकी है और इसे बेहतर बनाने के लिए ठोस सुधारों की आवश्यकता है। उनके अनुसार, चाहे कांग्रेस की सरकार हो, केंद्र सरकार हो या किसी भी राज्य की सरकार, सभी को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने चाहिए।
राहुल गांधी का कहना था कि देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करने के बजाय उनके मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान के एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने उन पर युवाओं का इस्तेमाल कर राजनीतिक एजेंडा चलाने और "झूठा नैरेटिव" बनाने का आरोप लगाया।
भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करना चाहते हैं और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
हाल ही में छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया था कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित हिंसा के मामले में वह संसद में जवाब देने का साहस नहीं दिखा रहे हैं।
राहुल गांधी की यह टिप्पणी उन छात्रों से मुलाकात के बाद आई थी, जिन्होंने पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। इन छात्रों ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का भी आरोप लगाया था।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि 20 जुलाई को आयोजित "संसद चलो" मार्च के दौरान किसी भी प्रकार की गोलीबारी नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा, "मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ दोबारा स्पष्ट करना चाहता हूं कि उस दिन कोई गोली नहीं चली."
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