होम आम जनता को बड़ी राहत, वाहनों के इन दस्तावेजों की वैधता 3 महीने तक बढ़ी
आम जनता को बड़ी राहत, वाहनों के इन दस्तावेजों की वैधता 3 महीने तक बढ़ी
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने वाहनों के विभिन्न दस्तावेज की वैधता अवधि अब 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दी है। इस फैसले से उन सभी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो इस वर्ष लॉकडाउन के दौरान अमान्य हो चुके ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) और अन्य जरूरी दस्तावेज का अब तक नवीनीकरण नहीं करा सके थे। परिवहन मंत्रालय मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 से संबंधित विभिन्न दस्तावेज की वैधता अवधि इस वर्ष इससे पहले भी तीन बार बढ़ा चुका है। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के दौरान मंत्रालय ने सबसे पहले 30 मार्च को इन दस्तावेज की वैधता अवधि बढ़ाई थी। उसके बाद नौ जून और 24 अगस्त को भी इन दस्तावेजों की वैधता अवधि बढ़ाई गई। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान जारी कर रविवार को कहा कि उसने वाहनों के लिए डीएल, आरसी और परमिट सहित सभी संबंधित दस्तावेज की वैधता अवधि 31 मार्च, 2021 तक के लिए बढ़ा दी है। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। मंत्रालय ने रविवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को इससे संबंधित दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इससे पहले मंत्रालय वाहनों के लिए थर्ड पार्टी बीमा की अवधि भी बढ़ा चुका है।
गौरतलब है कि इससे पहले मंत्रालय ने वाहनों के फिटनेस, परमिट और अन्य दस्तावेज की वैधता अवधि 31 दिसंबर, 2020 तक के लिए बढ़ाई थी। हालांकि इनमें इस वर्ष पहली फरवरी के बाद अमान्य हुए दस्तावेज ही शामिल थे। मंत्रालय का कहना है कि कोरोना महामारी का मौजूदा संकट अभी टला नहीं है। ऐसे में बहुत से लोग अपने विभिन्न दस्तावेज के समय पर नवीनीकरण की स्थिति में नहीं होंगे। मंत्रालय ने देशभर के अनुपालन प्राधिकरणों से कहा है कि वे अगले वर्ष मार्च तक ऐसे सभी अमान्य दस्तावेज को मान्य समझेंगे। इससे लोग शारीरिक दूरी का पालन करते हुए अपने वाहनों के दस्तावेज का इस अवधि के दौरान सुगमता से नवीनीकरण करा सकेंगे।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।