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G20 सम्मेलन में बोले PM- अफगानी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए न हो
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने जी-20 सम्मेलन में कहा है कि अफगानिस्तान की जमीन (Afghanistan Soil) का इस्तेमाल आतंकवाद (Terrorism) फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए. उन्होंने आतंकवाद और ड्रग्स-आर्म्स की स्मगलिंग के खिलाफ संयुक्त लड़ाई पर जोर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफगानिस्तान के मुद्दे पर जी-20 की इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए.
पीएम मोदी ने पिछले दो दशक में अफगानिस्तान में भारत के योगदान जिक्र किया. उन्होंने भारत के 500 प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया. पीएम मोदी ने अफगानिस्तान में समावेशी प्रशासन की अपील की जिससे पिछले 20 साल की प्रगति को सुरक्षित रखा जा सके और कट्टर विचारधारा को रोका जा सके. प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2593 पर G20 के समर्थन का आह्वान किया( ये प्रस्ताव आतंकवाद से जुड़ा है).
आतंकवाद पर विदेश मंत्री ने भी दिया सख्त संदेश
इससे पहले मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एशिया में वार्ता और विश्वास निर्माण उपाय सम्मेलन (सीआईसीए) के विदेश मंत्रियों की छठी बैठक को संबोधित किया. उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना कहा, 'यदि शांति और विकास हमारा साझा लक्ष्य है, तो हमें आतंकवाद रूपी सबसे बड़े शत्रु की नकेल कसनी होगी. आज और इस युग में, हम एक देश द्वारा दूसरे देश के खिलाफ इसका इस्तेमाल किए जाने को बर्दाश्त नहीं कर सकते. सीमा पार से संचालित होने वाला आतंकवाद कोई शासन कला नहीं, बल्कि दहशतगर्दी का ही एक अन्य स्वरूप है.'
आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना होगा
जयशंकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस बुराई के खिलाफ उसी तरह एकजुट होना चाहिए जिस तरह वह जलवायु परिवर्तन और महामारी जैसे मुद्दों पर एकजुट होता है. विदेश मंत्री ने कहा, 'ऐसा कोई भी आकलन बहुत ही छोटी दृष्टि का परिचायक है कि चरमपंथ, कट्टरपंथ, हिंसा और अतिवाद का इस्तेमाल हितों को साधने के लिए किया जा सकता है. ऐसी ताकतें उन्हीं को शिकार बनाने के लिए वापस आएंगी जो उनका पालन-पोषण करते हैं. स्थिरता की कमी कोविड को नियंत्रण में लाने के हमारे सामूहिक प्रयासों को भी कमजोर करेगी. इसलिए अफगानिस्तान की स्थिति बेहद चिंताजनक है.'
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