होम जाति के नाम पर बंटे तो दंगाई हावी होंगे, विपक्ष के मंसूबों को रोकना है तो एकजुट हो जाओ
जाति के नाम पर बंटे तो दंगाई हावी होंगे, विपक्ष के मंसूबों को रोकना है तो एकजुट हो जाओ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन पिछड़ा मोर्चा सम्मेलन में हलवाई और कसौंधन समाज के लोगों से एकजुटता का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि, जाति के नाम पर अगर हम विभाजित होंगे तो दंगाई हावी होंगे और फिर प्रदेश में जो अराजकता पहले थी, फिर से हो जाएगी, जिसमें कोई भी जाति सुरक्षित नहीं रहेगी. उन्होंने कहा कि हमें विपक्ष के मंसूबों को रोकना है. उनकी साजिश से बचना है और एकजुट होकर रहना है. इस मौके पर विधायक संजय गुप्ता की तरफ से दिए गए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया.
जो राम के नहीं हो सकते, वह किसी काम के नहीं हो सकते
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में शांति सौहार्द आपसे बेहतर कोई नहीं दे सकता. याद करिए 2017 से पहले क्या स्थिति थी. 2 नवंबर 1990 में अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार होती, अयोध्या में कोई राम भक्तों पर गोली चलाने का दुस्साहस नहीं करता. राम द्रोही हैं वो जिन्होंने वोट बैंक के लिए निर्दोष रामसेवकों पर बर्बर गोलीकांड करने का दुस्साहस किया. हम सब को हमेशा याद रखना होगा कि जो राम के नहीं हो सकते, वह किसी काम के नहीं हो सकते.
पहले गुंडा टैक्स वसूला जाता था
मुख्यमंत्री ने कहा कि, भारत का व्यापारी समाज लक्ष्मी-गणेश की पूजा करता है. भारतीय समाज की व्यवस्था धर्म, अर्थ, काम मोक्ष में बंटा है. अर्थ का महत्व धर्म के अनुसार ही है और इसका प्रतिनिधित्व आप सब लोग करते हैं. अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो हर एक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी. आपका समाज निरंतर इसके लिए प्रयास करता है. समाज को नई दिशा देता है. आज कसौधन समाज और हलवाई समाज दोनों एक साथ यहां पर बैठकर अपनी बात कह रहा है. हम सब को देखना होगा कि शांति और सौहार्द के दुश्मन कौन हैं और जब भी सत्ता उनके हाथ में आएगी तो पेशेवर अपराधी, माफिया, संभ्रांत लोगों के सामने जीवन का संकट पैदा करेंगे. हमारी सरकार के साढ़े 4 साल में कोई माफिया खुलेआम नहीं घूम सकता, किसी व्यापारी की संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता, पहले गुंडा टैक्स वसूला जाता था, लोगों की संपत्तियों पर जबरन कब्जा किया जाता था, जमीन हथिया ली जाती थी, कोई बोलता नहीं था.
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