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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Nov 30, 2022 08:18 PM

बदलें अपनी दिनचर्या नहीं तो सर्द हवाओं की चपेट में आकर हो सकते हैं ब्रेन हेमरेज के शिकार

बदलें अपनी दिनचर्या नहीं तो सर्द हवाओं की चपेट में आकर हो सकते हैं ब्रेन हेमरेज के शिकार

बदलें अपनी दिनचर्या नहीं तो सर्द हवाओं की चपेट में आकर हो सकते हैं ब्रेन हेमरेज के शिकार

मौसम में ठंडक आने के साथ ही ब्रेन हेमरेज के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

इसलिए जरूरी है कि आप अपनी दिनचर्या को बदलें नहीं तो ब्रेन हेमरेज के शिकार हो सकते हैं। इसलिए सर्द हवाओं से अपने आप का बचाव करें।

जेएएच में कार्डियक और न्यूरो की ओपीडी बढ़ गई है। ठंड के कारण यह समस्या बुजुर्ग लोगों में तेजी से बढ़ रही है। इसलिए डाक्टरों का कहना है कि अधिक ठंड के मौसम में घर से बाहर न निकलें क्योंकि खून का थक्का जमने से ब्रेन हेमरेज या कार्डियक अरेस्ट होने की की आशंका बढ़ जाती है। हालात यह हैं कि सर्द हवाओं ने दिमाग पर हमला करना शुरू कर दिया है। जयारोग्य चिकित्सालय से लेकर निजी अस्पतालों में भी ब्रेन हेमरेज के मरीजों में इजाफा हो गया है। चिकित्सकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में ब्रेन हेमरेज के मरीज तेजी से बढ़ेंगे। खास कर जिन लोगों को रक्तचाप की समस्या है, उनमें ब्रेन हेमरेज की आशंका काफी ज्यादा है। जयारोग्य चिकित्सालय के न्यूरोलॉजी की बात करें तो ब्रेन हेमरेज के मरीजों में 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। गत दिवस सोमवार को भी न्यूरोलॉजी में 16 मरीज भर्ती हुए, उसमें ब्रेन हेमरेज के 10 मरीज शामिल रहे। हाल यह है कि न्यूरोलॉजी वार्ड मरीजों से फुल हो चुके हैं।

जयारोग्य चिकित्सालय न्यूरोलॉजी के डॉ. अरविन्द गुप्ता का कहना है कि आम दिनों में न्यूरोलॉजी में तीन से चार मरीज ही ब्रेन हेमरेज के आते थे, लेकिन अब इनकी संख्या प्रतिदिन 8 पहुंच गई है। इसके आलवा आने वाले कुछ दिनों में ब्रेन हेमरेज के मरीज तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सर्दियों में रक्त का संचार कम हो जाता है। इसलिए बुजुर्ग लोगों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे शारीरिक गतिविधियां करते रहें, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अधिक सर्दी में वह बाहर कम निकलें। सुबह की सैर थोड़ा देर से शुरू करें। बैठे-बैठे भी हाथ-पांच चलाते रहें। खास कर जिन लोगों को बीपी की समस्या है, उनमें ब्रेन हेमरेज की आशंका काफी ज्यादा है।

क्यों होता है ठंड में ब्रेन हेमरेज

- विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड के दिनों में खून में गाढ़ा पन आ जाता है। साथ ही ठंड की वजह से शरीर की नशें भी सिथिल हो जाती हैं। ऐसे में यदि ब्लडप्रेसर बढ़ता है तो ब्रेन हेमरेज होने का खतरा अधिक रहता है।

- ब्रेन हेमरेज का खतरा सबसे अधिक ब्लडप्रेसर की बीमारी वाले मरीजों को अधिक रहता है। क्योंकि ठंड के दिनों में खून गाढ़ा रहता है और जब ब्लड का प्रेसर बढ़ता है तो ब्रेन हेमरेज होने का खतरा बढ़ जाता है।

किस तरह से कर सकते हैं बचाव

- ठंड के दिनों में यदि बाहर निकलते हैं तो सिर को ढक कर निकले। जिससे ठंड व ठंडी हवाओं का असर अधिक न हो।

- यदि एक जगह बैठे हैं तो हाथ पैरों को चलाते रहें। जिससे नसों में मूवमेंट बनी रहे और शरीर की नशों में रक्तप्रवाह बना रहे।

- जिन लोगों को ब्लडप्रेसर या खून गाढ़ा होने की शिकायत है तो वे डॉक्टर से संपर्क कर उपचार व दवाएं ले लें। जिससे ठंड के दिनों में खून का पतला रखने से ब्रेमहेमरेज की शिकायत कम होती हैं।

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