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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jan 21, 2022 11:11 PM

सुप्रीम कोर्ट के वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी का दावा, आय से अधिक संपत्ति मामले में अभी फंसे हैं मुलायम-अखिलेश

सुप्रीम कोर्ट के वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी का दावा, आय से अधिक संपत्ति मामले में अभी फंसे हैं मुलायम-अखिलेश

सुप्रीम कोर्ट के वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी का दावा, आय से अधिक संपत्ति मामले में अभी फंसे हैं मुलायम-अखिलेश

लखनऊ :अखिलेश यादव के एक टीवी चैनल पर दिए गए बयान का हवाला देते हुए चतुर्वेदी ने पलटवार किया। दावा किया कि अखिलेश आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआइ की क्लोजर रिपोर्ट लगने व क्लीन चिट मिलने का झूठ बोल रहे हैं।कहा कि फर्जी क्लोजर रिपोर्ट तैयार किये जाने को लेकर सीबीआइ, दिल्ली ने 16 मार्च 2009 में एक एफआइआर दर्ज की थी। जिसका केस कोर्ट में चल रहा है और इस मामले में 15 जनवरी को सीबीआइ कोर्ट मेें अगली सुनवाई है। उन्होंने सीबीआइ के तत्कालीन अधिकारियों पर भी जांच में अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप लगाये और उन पर कार्रवाई की मांग की।विश्वनाथ का कहना है कि उनकी याचिका पर वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने मुलायम, अखिलेश, प्रतीक व डिंपल यादव के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआइ जांच का आदेश दिया था। सीबीआइ ने वर्ष 2019 में केवल एक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जिसके तहत मुलायम, अखिलेश व अन्य का स्टेटस वारंटेड है यानी केस चलाये जाने की बात कही गई है। कोर्ट ने अब तक केवल डिंपल का नाम हटाया है।आरोप है कि सीबीआइ ने वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि मामले की जांच 2013 में पूरी हो गई थी और वह अपनी रिपोर्ट सीवीसी को सौंप चुकी है। चतुर्वेदी का दावा है कि सीवीसी से इस बाबत आरटीआइ के तहत मिली जानकारी के अनुसार सीबीआइ ने अपनी कोई रिपोर्ट सीवीसी को नहीं सौंपी है।

               सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने इससे पहले  अखिलेश का पूरा कच्चा चिट्टा लखनऊ मे खोला था और दावा किया था कि लखनऊ में अखिलेश के परिवार की कुछ बेनामी कम्पनियां हैं। एक ही पत्ते और मोबाइल नंबर पर 16 कंपनियां रजिस्टर्ड है।समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव तथा उनके बेटे एवं पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दायर कराने वाले याचिकाकर्ता ने और वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक ही पता एक ही मोबाइल नंबर पर 16 कंपनियां चल रही हैं।अधिवक्ता ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के साले अमन सिंह बिष्ट के ऊपर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया है। अमन बिष्ट पर आरोप है कि उन्होंने एक दर्जन से अधिक फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों के ट्रांजैक्शन किया है। अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सीबीआई को लिखे पत्र में बताया कि सभी कंपनी एक ही पते 2/11 विराट खंड गोमती नगर के पते पर रजिस्टर है। सीबीआई निदेशक को पत्र लिखकर प्रतीक यादव के साले अमन सिंह बिष्ट और उनकी 1 दर्जन से अधिक कागजी कंपनियों की जांच कराए जाने की की गुज़ारिश की है।विश्वनाथ चतुर्वेदी का आरोप है कि समाजावादी सरकार में जब अखिलेश यादव सीएम थे, तब कई सारी फर्जी कंपनियां बनाई गई, और इसमें अवैध ट्रांजेक्शन हुआ। ऐसे 16 कंपनियों की डिटेल इन्होने सीबीआई को भी दिया है। चतुर्वेदी का आरोप है कि विवेक यादव प्रशांत सिंह और मनोज कुमार सिंह पिसेसिया कंपनी के मालिक हैं और अखिलेश यादव के करीबी हैं। 2012 में यह कंपनी बनी और 2017 तक कंपनी को काम मिला। सीबीआई निदेशक को भेजे गए पत्र में मोनल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जिसके डायरेक्टर अमन बिष्ट, मोनल इंफ्रावेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, पिससेसिया पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड समेत एक दर्जन से अधिक कंपनियों के माध्यम से करोड़ों का वारा न्यारा करने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने जांच की मांग की है।समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव उनके पुत्र अखिलेश यादव व प्रतीक यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इसकी प्रारंभिक जाँच 2013 मे पूरी कर ली गई थी। अब मामला सुप्रमी कोर्ट मे है। विश्वनाथ चतुर्वेदी ने अर्जी दाखिल कर मुलायम अखिलेश और प्रतीक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में हुई सीबीआइ जाँच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की मांग भी की है।

               चतुर्वेदी को अखिलेश पहले ही कांग्रेस का पोषित बता चुके हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस वालों ने विश्वनाथ चतुर्वेदी को पैसा देकर उनके परिवार पर आय से अधिक संपत्ति का केस कराया। विश्वनाथ चतुर्वेदी ने हमे बतया की  “सीबीआई की फर्जी रिपोर्ट को प्रचारित कर आय से अधिक संपत्ति मामले को बंद हो चुका बताने वाले मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के कानून के शिकंजे में आने की संभावना बढ़ी। दिल्ली की रॉउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पूछा कि जिस दौरान यह बनावटी रिपोर्ट तैयार की गई, तब मुलायम सिंह जनप्रतिनिधि थे या नहीं। 24 जनवरी को अगली सुनवाई है  उस दिन यह तय हो सकता है कि मामले की त्वरित सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में ही होगी।”चतुर्वेदी के इस बयान से  साफ है कि खुद और परिवार पर लगे आय से अधिक संपत्ति के केस में कोर्ट ने उन्हें पाक साफ घोषित नहीं किया है। चतुर्वेदी इस मसले पर कोर्ट गए थे और अब 24 जनवरी को कोर्ट ये तय करने वाला है कि अखिलेश या उनके परिवार के किसी सदस्य ने फर्जी रिपोर्ट तो नहीं तैयार कर ली। सवाल ये उठ रहे हैं कि जब कोर्ट में अब भी मामला लंबित है, तो अखिलेश आखिर ये दावा कैसे कर रहे हैं कि उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में राहत मिल चुकी है।

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