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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Nov 3, 2025 04:17 PM

यूपी में शुरू हो रहा है SIR अभियान, मतदाता सूची के शुद्धिकरण की बड़ी कवायद, जानें किन दस्तावेजों की होगी ज़रूरत

उत्तर प्रदेश में 4 नवंबर (मंगलवार) से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस अभियान का मकसद राज्य की मतदाता सूची को शुद्ध करना और उसमें दर्ज फर्जी या डुप्लीकेट नामों की पहचान करना है। करीब 22 साल बाद यह प्रक्रिया फिर से शुरू की जा रही है।

यूपी में शुरू हो रहा है SIR अभियान, मतदाता सूची के शुद्धिकरण की बड़ी कवायद, जानें किन दस्तावेजों की होगी ज़रूरत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 4 नवंबर (मंगलवार) से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस अभियान का मकसद राज्य की मतदाता सूची को शुद्ध करना और उसमें दर्ज फर्जी या डुप्लीकेट नामों की पहचान करना है। करीब 22 साल बाद यह प्रक्रिया फिर से शुरू की जा रही है।

घर-घर जाकर बीएलओ देंगे एन्यूमरेशन फॉर्म

राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले चरण में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और उन्हें एन्यूमरेशन फॉर्म देंगे।
इस फॉर्म में मतदाता को अपना नाम, माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर और आधार संख्या जैसी जानकारी भरनी होगी।
फॉर्म की दो प्रतियां ली जाएंगी — एक बीएलओ के पास रहेगी और दूसरी मतदाता को दी जाएगी।

अगर परिवार का कोई सदस्य घर पर मौजूद नहीं है, तो अन्य सदस्य रिश्ते की जानकारी देते हुए फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है।

दस्तावेजों की जरूरत कब पड़ेगी?

पहले चरण में फॉर्म भरते समय कोई दस्तावेज जरूरी नहीं होगा, लेकिन अगर किसी मतदाता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं होगा, तो आयोग द्वारा नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जाएंगे।

जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है और उनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में है — उन्हें सिर्फ लिस्ट की कॉपी देनी होगी।

अगर नाम लिस्ट में नहीं है, तो उन्हें नीचे दिए गए 11 मान्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।

जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, उन्हें अपना या माता-पिता का दस्तावेज देना होगा।

एसआईआर के लिए मान्य दस्तावेजों की सूची

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • 10वीं या किसी मान्यता प्राप्त परीक्षा का प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट
  • सरकारी जमीन या मकान के कागजात
  • जाति प्रमाण पत्र
  • 1 जुलाई 1987 से पहले का कोई सरकारी ID या प्रमाण पत्र
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • सरकारी नौकरी का पहचान पत्र या पेंशन पेमेंट ऑर्डर
  • परिवार रजिस्टर की नकल
  • राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की प्रविष्टि
  • वन अधिकार प्रमाण पत्र

70% मतदाताओं को नहीं देने होंगे कोई दस्तावेज

चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी। राहत की बात यह है कि करीब 70% मतदाताओं को कोई दस्तावेज नहीं देना पड़ेगा।
जिन मतदाताओं के माता-पिता के नाम पहले से सूची में दर्ज हैं, उन्हें भी पहचान या आवास प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं होगी।

2003 की लिस्ट से मिलान में पाया गया कि 48% वोटर दोनों सूचियों में शामिल हैं, जिससे कई लोगों को दस्तावेज जमा करने से छूट मिलेगी।

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