होम ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस में पक्षकार बनने की चाहत को झटका, जिला जज ने खारिज की सात अर्जियां

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Oct 17, 2022 09:47 PM

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस में पक्षकार बनने की चाहत को झटका, जिला जज ने खारिज की सात अर्जियां

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस में पक्षकार बनने की चाहत को झटका, जिला जज ने खारिज की सात अर्जियां

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस में पक्षकार बनने की चाहत को झटका, जिला जज ने खारिज की सात अर्जियां

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद और श्रंगारगौरी केस में पक्षकार बनने के लिए दायर की गई सात याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दी गईं। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सभी पक्षकारों की बहस पिछली तिथि पर पूरी कर ली थी। उसके बाद आईं तीन अर्जियों पर सोमवार को सुनवाई भी हुई। इन पर आदेश के लिए 21 अक्तूबर की तिथि तय की है। कोर्ट उसी दिन ज्ञानवापी मस्जिद के तालाबंद तहखाने के सर्वे से सबंधित अर्जी पर सुनवाई करेगी। 
शृंगारगौरी केस में पक्षकार बनाने के लिए गिरीश उपाध्याय, वाद मित्र विजयशंकर रस्तोगी, मुख्तार अहमद समेत सात लोगों ने अपनी अर्जियों के संबंध में पिछली तिथि पर अपना पक्ष रखा था। इनमें हिंदू पक्ष की छह और प्रतिवादी यानी मुस्लिम पक्ष की एक अर्जी पर सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि मामले में वादी पक्ष अपनी पैरवी करने में सक्षम है। वादी को पक्षकार बनाने की अनुमति दिए बिना और किसी को पक्षकार बनाना न्याय हित में नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अभी इसकी जरूरत नहीं है। उधर, अन्य पक्षकार बनने के लिए पड़ी तीन अर्जियों पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। 21 अक्तूबर को अदालत बंद तहखाने के बचे हिस्से में कमीशन की कार्यवाही और कार्माइकल लाइब्रेरी में मिली गणेश-लक्ष्मी मूर्ति को संरक्षित करने संबंधी अर्जियों पर भी सुनवाई हो सकती है। 

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)