होम अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि बनेगी वैश्विक पहचान का केंद्र! बटेश्वर धाम का होगा भव्य कायाकल्प

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team May 23, 2026 05:47 PM

अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि बनेगी वैश्विक पहचान का केंद्र! बटेश्वर धाम का होगा भव्य कायाकल्प

Atal Bihari Vajpayee की पैतृक भूमि और प्राचीन शिव मंदिरों के लिए प्रसिद्ध Bateshwar Dham को अब वैश्विक आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि बनेगी वैश्विक पहचान का केंद्र! बटेश्वर धाम का होगा भव्य कायाकल्प

Atal Bihari Vajpayee की पैतृक भूमि और प्राचीन शिव मंदिरों के लिए प्रसिद्ध Bateshwar Dham को अब वैश्विक आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। Yogi Adityanath सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।

71.50 करोड़ की परियोजना पर तेजी से चल रहा काम

भारत सरकार की SASCI योजना के तहत इस बड़े प्रोजेक्ट पर 71.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग के मुताबिक अब तक 56.11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Bateshwar Dham में विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है, जिससे यह स्थान देश-विदेश के पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बन सके।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा पूरा परिसर

श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। यहां बड़ी पार्किंग, स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय और महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री बनाई जा रही हैं, जिनमें लगभग 20 कमरों की सुविधा होगी।

इसके अलावा आधुनिक कैफेटेरिया, फूड कियोस्क, सोवेनियर शॉप और बच्चों के लिए इंटरैक्टिव जोन भी तैयार किए जाएंगे। पर्यटकों को शांत वातावरण का अनुभव देने के लिए ओपन सीटिंग एरिया और आधुनिक पर्यटन सुविधा केंद्र का निर्माण भी प्रस्तावित है।

डिजिटल गैलरी में दिखेगी शिव पुराण और समुद्र मंथन की झलक

इस परियोजना में आध्यात्मिकता को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यहां कई थीम आधारित इंटरैक्टिव गैलरी बनाई जा रही हैं।

म्यूजियम गैलरी-1

इस गैलरी में चारों वेदों और शिव पुराण की कथाओं को अत्याधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा।

म्यूजियम गैलरी-2

यहां ‘चार धाम गैलरी’ और ‘समुद्र मंथन गैलरी’ विकसित की जा रही हैं, जो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होंगी।

शिव सहस्रनाम खंड

भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों और उनकी महिमा को विशेष थीम आधारित इंस्टॉलेशन के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

ध्यान पथ और शिव प्रांगण बनेंगे खास आकर्षण

परियोजना के सबसे प्रमुख हिस्सों में ‘सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र’ शामिल है। यहां विशाल वटवृक्ष के पास भगवान शिव की ध्यानमग्न मुद्रा में भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

इसके चारों ओर आकर्षक ‘ध्यान पथ’ और विशाल ‘शिव प्रांगण’ विकसित किया जाएगा, जहां आने वाले श्रद्धालु शांति और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन और शिवलिंगम पार्क भी बनेंगे

परियोजना के तहत पंचमहाभूतों — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश — को समर्पित ‘पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन’ भी विकसित किया जाएगा।

इसके साथ ही 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों से सुसज्जित ‘शिवलिंगम पार्क’ और Yamuna River तथा भगवान शिव के आध्यात्मिक संबंध को दर्शाने वाला ‘कालिंदी वनम’ भी तैयार होगा। परिसर में भगवान नंदी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।

यूपी को आध्यात्मिक पर्यटन हब बनाने पर फोकस

Jaiveer Singh ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन का बड़ा केंद्र बन रहा है।

उन्होंने कहा कि बटेश्वर धाम के विकास से न केवल इसकी प्राचीन विरासत संरक्षित होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उनके मुताबिक Agra में वर्ष 2025 के दौरान रिकॉर्ड 1.83 करोड़ पर्यटक पहुंचे हैं, जिससे यह देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मिलेगी नई पहचान

सरकार का मानना है कि ‘हेरिटेज रिवाइवल कॉरिडोर’ के रूप में विकसित की जा रही यह परियोजना Bateshwar Dham को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाएगी। इसके जरिए उत्तर प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ जोड़ा जाएगा।

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