होम UP में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ ने पकड़ी रफ्तार, 47 लाख लोग जुड़े; 25 लाख घरों तक पहुंचा सफाई का संदेश
उत्तर प्रदेश में इस बार ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान ने व्यापक जनभागीदारी का रूप लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती 2 अक्टूबर तक चला।
उत्तर प्रदेश में इस बार ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान ने व्यापक जनभागीदारी का रूप लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती 2 अक्टूबर तक चला। ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत-विकसित भारत’ थीम के तहत चले इस अभियान में आम लोगों के साथ नगर निगमों, नगर पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। सार्वजनिक स्थानों की सफाई के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और सफाई मित्रों के सम्मान पर भी विशेष जोर दिया गया।
अभियान की शुरुआत प्रदेश के सभी निकायों में मेयर, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और करीब 12 लाख नागरिकों की भागीदारी के साथ श्रमदान से हुई। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान 21 हजार से अधिक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 27 लाख नागरिकों ने हिस्सा लिया।
स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समितियों, स्वच्छ सारथी क्लबों और स्वयं सहायता समूहों सहित करीब 47 लाख नागरिक अभियान से जुड़े। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई के लिए 157 घंटे का महासफाई अभियान भी चलाया गया।
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान को 17 अक्टूबर 2026 तक आगे बढ़ाया गया है। इस दौरान उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां नियमित रूप से सफाई नहीं हो पाती है।
प्रदेश में करीब 1.22 लाख स्वच्छता लक्षित इकाइयां यानी CTU चिन्हित की गईं। इनमें से करीब 1.10 लाख का विलोपन नागरिकों की भागीदारी से किया जा चुका है। अभियान के तहत करीब 25 हजार सार्वजनिक स्थलों, 6,788 बाजारों, 13,919 मोहल्लों, 9,440 शौचालयों और 6,769 कार्यालयों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
स्वच्छता को लेकर बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘स्वच्छ पाठशाला’ कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा बनाया गया। इसके तहत करीब 13 हजार कार्यक्रम आयोजित किए गए। 3,640 स्वच्छ सारथी क्लबों से जुड़े करीब 2.16 लाख बच्चों को इन गतिविधियों के माध्यम से अभियान से जोड़ा गया।
बच्चों के बीच स्वच्छता से संबंधित जागरूकता बढ़ाने के लिए 8,358 प्रतियोगिताएं और अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इसका उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता की आदतों को मजबूत करने के साथ उनके माध्यम से परिवार और समाज तक भी स्वच्छता का संदेश पहुंचाना रहा।
अभियान के दौरान सफाई मित्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी गई। स्वच्छता मित्र सुरक्षा शिविर के तहत 4,202 शिविर लगाए गए, जिनमें करीब 99 हजार सफाई मित्र शामिल हुए। इस दौरान करीब 40 हजार सफाई मित्रों को सम्मानित भी किया गया।
इसके अलावा करीब 88 हजार सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। 63 हजार सफाई मित्रों को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई, जबकि करीब 1.77 लाख सफाई मित्रों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।
जनभागीदारी को घरों तक पहुंचाने के लिए करीब 25 लाख परिवारों को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया। लोगों को घरों से निकलने वाले कचरे को स्रोत पर ही अलग करने और अपने आसपास की सफाई में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जागरूक किया गया।
‘स्वच्छता से समृद्धि’ कार्यक्रम के तहत RRR यानी Reduce, Reuse और Recycle की अवधारणा पर 3,461 कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर स्वच्छता से संबंधित 17,486 गतिविधियां हुईं, जिनमें एक लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लिया।
2 अक्टूबर को ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के रूप में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान अलग-अलग निकायों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले सफाई मित्रों, स्वच्छ सारथी क्लब के सदस्यों, ब्रांड एंबेसडरों और स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया।
इस अभियान के जरिए उत्तर प्रदेश में स्वच्छता को केवल सरकारी गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों की रोजमर्रा की जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया। जनभागीदारी, स्कूलों में जागरूकता, सफाई मित्रों की सुरक्षा और घरों तक स्वच्छता संदेश पहुंचाने जैसी गतिविधियों के जरिए अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया गया।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।