होम UP में 150 सीटों पर अड़ी कांग्रेस? SP से गठबंधन पर RLD का बड़ा तंज, बढ़ी सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने हाल ही में संगठन में बदलाव करते हुए सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने हाल ही में संगठन में बदलाव करते हुए सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। इसी बीच राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन तथा सीट शेयरिंग को लेकर तंज कसा है।
रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि दोनों दलों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने आत्मसम्मान से समझौता करने के लिए तैयार नहीं है और 150 से कम सीटों पर मानने को तैयार नहीं है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि पार्टी 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी और सीट शेयरिंग पर फैसला अक्टूबर में होने की संभावना है।
रोहित अग्रवाल ने इमरान मसूद के बयानों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि इमरान मसूद किसके इशारे पर बोल रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर असंतोष होने का दावा भी किया।
रालोद प्रवक्ता के मुताबिक, समाजवादी पार्टी में लंबे समय से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे कई कार्यकर्ता कांग्रेस के साथ गठबंधन की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि सपा के कुछ कार्यकर्ताओं की सोच है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का खास राजनीतिक अस्तित्व नहीं है और ऐसे में कांग्रेस के साथ सीटों का समझौता करने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन को लेकर पहले भी दोनों दलों की ओर से अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं। जुलाई 2026 में कांग्रेस नेताओं ने यूपी में सपा के साथ गठबंधन को बरकरार बताया था। अब सीटों की संख्या को लेकर सामने आए बयानों ने बातचीत के अगले चरण को चर्चा में ला दिया है।
रोहित अग्रवाल ने कांग्रेस और सपा के रिश्ते पर तंज कसते हुए इसे गठबंधन की रस्सी में बढ़ते तनाव जैसा बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अब पहले क्या होगा—समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ेगा या दोनों दलों के गठबंधन में दरार आएगी?
उन्होंने सपा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को ‘एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई’ जैसा बताया। उनके मुताबिक, एक ओर पार्टी के सामने अपने कार्यकर्ताओं और टिकट के दावेदारों की नाराजगी से निपटने की चुनौती है, जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत का मुद्दा है।
सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस की ओर से 150 सीटों की मांग सार्वजनिक होने के बाद सपा की तैयारियां भी चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सपा ने 403 विधानसभा सीटों में से करीब 350 सीटों पर अपनी तैयारी बढ़ाने की बात कही है। ऐसे में दोनों दलों की ओर से सामने आ रहे आंकड़े अक्टूबर में होने वाली संभावित सीट बंटवारे की बातचीत की पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं।
रोहित अग्रवाल ने 2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कांग्रेस और सपा के बीच आपसी तनाव और असमंजस का भी दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों के बीच सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है और जनता की सेवा उनके एजेंडे में प्राथमिकता पर नहीं है।
उन्होंने कहा कि जनता दोनों दलों के राजनीतिक इरादों को समझ चुकी है। उनके बयान के बाद उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। इसी बीच 150 सीटों को लेकर कांग्रेस का रुख और सपा की अपनी चुनावी तैयारियां सीट शेयरिंग को गठबंधन की राजनीति का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना रही हैं।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।