होम यूपी में बढ़ सकती है SIR की तारीख? अब तक 19.15% गणना प्रपत्र नहीं लौटे, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया की अंतिम तारीख बढ़ सकती है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि अभी तक लगभग 19.15 फीसदी के करीब गणना प्रपत्र (Forms) राज्य निर्वाचन आयोग के पास वापस नहीं लौटे हैं,
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया की अंतिम तारीख बढ़ सकती है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि अभी तक लगभग 19.15 फीसदी के करीब गणना प्रपत्र (Forms) राज्य निर्वाचन आयोग के पास वापस नहीं लौटे हैं, यानी अब तक सिर्फ 80.85 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है।
समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में SIR के डिजिटाइजेशन का 99.24% काम पूरा हो गया है, लेकिन गणना प्रपत्रों की वापसी दर कम है।
SIR प्रक्रिया के दौरान उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता मिले हैं, जिन्हें सूची से हटाना या उनका सत्यापन आवश्यक है:
राज्य के कई बड़े जिलों में नए फॉर्म्स की संख्या काफी अधिक है, जिससे सत्यापन का दबाव बढ़ गया है:
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने बुधवार को कहा था कि राज्य ने निर्वाचन आयोग से SIR को पूरा करने के लिए दो और सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया है। यह विस्तार इसलिए मांगा गया ताकि जिला चुनाव अधिकारी मृत मतदाताओं, दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं और लापता मतदाताओं के नाम दोबारा सत्यापित कर सकें।
CEO रिनवा ने बताया कि 14 जिलों, 132 विधानसभा क्षेत्रों और 1,43,509 मतदान केंद्रों में डिजिटलीकरण का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने राजनीतिक दलों से मृत, प्रवासी, अनुपस्थित और डुप्लिकेट मतदाताओं की प्रविष्टियों के सत्यापन में सहयोग करने का आग्रह किया है।
राज्य भर में SIR की प्रक्रिया 4 नवंबर से जारी है।
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