होम यूपी में SIR के बीच BLO को मिली बड़ी राहत, डबल सैलरी के बाद अब चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर तक बढ़ाई डेडलाइन
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Alert Star Digital Team
Nov 30, 2025 06:49 PM
यूपी में SIR के बीच BLO को मिली बड़ी राहत, डबल सैलरी के बाद अब चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर तक बढ़ाई डेडलाइन
भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India - ECI) ने उत्तर प्रदेश समेत उन सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है, जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है।
भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India - ECI) ने उत्तर प्रदेश समेत उन सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है, जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। आयोग ने SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम समय-सीमा को एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है।
- नई तारीख: अब SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर की बजाय 11 दिसंबर होगी।
- दायरा: चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़, गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, पुडुचेरी और केरल सहित सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह नया आदेश जारी किया है।
कर्मचारियों को मिली डबल खुशी
चुनाव आयोग के इस कदम का कर्मचारी संगठनों के साथ-साथ राजनीतिक दलों ने भी स्वागत किया है, क्योंकि कम समय-सीमा को लेकर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे थे। आयोग ने BLO को यह दूसरी बड़ी राहत दी है:
- समय-सीमा में वृद्धि: अंतिम तारीख 4 दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर की गई।
- वेतन में वृद्धि (पहले का फैसला): आयोग ने SIR कार्य में लगे कर्मचारियों का वेतन दोगुना कर दिया है।
- BLO की सैलरी: सालाना ₹6,000 से बढ़ाकर ₹12,000 की गई।
- सुपरवाइजर की सैलरी: सालाना ₹12,000 से बढ़ाकर ₹18,000 की गई।
SIR प्रक्रिया और मौतों पर विवाद
यह राहत ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के कथित दबाव के चलते कर्मचारियों की मौत होने का दावा किया जा रहा है।
- मौतें: SIR प्रक्रिया के बीच पूरे यूपी में अलग-अलग शहरों में पाँच BLO की मौत हो चुकी है। सभी के परिजनों ने SIR के दबाव को कारण बताया है।
- आत्महत्या: शनिवार देर रात मुरादाबाद में एक BLO ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इस पर विपक्षी दलों ने आयोग और बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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