होम यूपी पंचायत चुनावों में NOTA और बैलेट पेपर पर नाम की मांग, हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल
उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से पहले मतदाता सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर एक अहम मुद्दा सामने आया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट के पेशकार नरेश कुमार मौर्य ने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है, जिसमें दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से पहले मतदाता सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर एक अहम मुद्दा सामने आया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट के पेशकार नरेश कुमार मौर्य ने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है, जिसमें दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
याचिकाकर्ताओं ने ग्रामीण मतदाताओं की दिक्कतों को आधार बनाकर यह याचिका दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता सिर्फ चुनाव चिन्ह देखकर उम्मीदवार चुनने को मजबूर होते हैं, जिससे कई बार सही प्रत्याशी का चयन मुश्किल हो जाता है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि:
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में NOTA (इनमें से कोई नहीं) का विकल्प उपलब्ध है, लेकिन पंचायत चुनावों में यह सुविधा नहीं है।
इस मामले की सुनवाई आज लखनऊ पीठ में होगी। मामला न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। वहीं विस्तृत याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस दिवाकर प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति बृजेश सिंह की बेंच करेगी।
चुनाव आयोग ने याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि:
हालांकि, याचिकाकर्ता पक्ष ने आयोग की इस दलील को गलत बताया है। उनका कहना है कि सभी मतपत्र अभी छपे ही नहीं हैं, और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए नाम शामिल करना और NOTA जैसी सुविधा देना बेहद जरूरी है।
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