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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Apr 15, 2026 09:17 PM

गंगा किनारे खेती में जैविक क्रांति, 3370 ऑर्गेनिक क्लस्टर से 90 हजार किसान बने आत्मनिर्भर

उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे अब सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि समृद्धि की नई कहानी भी लिखी जा रही है। योगी सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत गंगा तटवर्ती 26 जिलों में जैविक खेती का बड़ा मॉडल विकसित किया है।

गंगा किनारे खेती में जैविक क्रांति, 3370 ऑर्गेनिक क्लस्टर से 90 हजार किसान बने आत्मनिर्भर

उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे अब सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि समृद्धि की नई कहानी भी लिखी जा रही है। योगी सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत गंगा तटवर्ती 26 जिलों में जैविक खेती का बड़ा मॉडल विकसित किया है। इसके तहत गंगा के दोनों किनारों पर 5-5 किलोमीटर के दायरे में 3,370 ऑर्गेनिक क्लस्टर तैयार किए गए हैं, जिनसे करीब 90 हजार किसान परिवार जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

रसायन-मुक्त खेती से बढ़ी किसानों की आमदनी

जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने से किसानों की उत्पादन लागत में कमी आई है। रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटने से खर्च कम हुआ है, जबकि बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों के कारण बाजार में उन्हें अधिक कीमत मिल रही है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि खेती को टिकाऊ और लाभकारी भी बना रही है।

गंगा की स्वच्छता से लेकर मिट्टी तक को फायदा

इस योजना का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। इससे गंगा की स्वच्छता, मिट्टी की उर्वरता, भूजल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। ऑर्गेनिक खेती के जरिए पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

गांव-गांव मिल रहा प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग

केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से किसानों को लगातार प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्राकृतिक उर्वरकों और पारंपरिक तकनीकों को बढ़ावा देकर खेती का टिकाऊ मॉडल तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के तहत 35 जिलों में प्राकृतिक खेती की कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं, जबकि बाकी जिलों में भी जल्द ही ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है।

ऑर्गेनिक विलेज से बढ़ी शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता

गंगा किनारे विकसित किए जा रहे ऑर्गेनिक बेल्ट में गांव-स्तर पर ऑर्गेनिक विलेज बनाए जा रहे हैं। इन गांवों में अब लोगों को रसायन-मुक्त खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।

बाजार में बढ़ी डिमांड, किसानों को मिल रहा प्रीमियम दाम

रसायन-मुक्त उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उपभोक्ता अब स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं, जिससे ऑर्गेनिक उत्पादों को बाजार में प्रीमियम कीमत मिल रही है। इससे किसानों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन रहे हैं।

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