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विवाद के बीच भारत ने अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की दी सलाह
यूक्रेन और रूस के बीच हालात अब भी तनावपूर्ण है। दोनों देशों के बीच जंग की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर भारत भी यूक्रेन और रूस पर लगातार नजर जमाए हुए है। इन सबके बीच भारत ने यूक्रेन में रह रहे अपने नागरिकों को अस्थाई रूप से देश छोड़ने को सलाह दी है। भारत ने यह सलाह ऐसे समय में जारी किया है जब यूक्रेन की सीमा पर रुस द्वारा अपने सैनिकों का जमावड़ा बढ़ाने को लेकर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन और मास्को के बीच लगातार तनाव बढ़ रहे हैं। कीव स्थित भारतीय दूतावास ने एक परामर्श जारी किया है जिसमें भारत के नागरिकों को यूक्रेन की और यूक्रेन के अंदर सभी गैर जरूरी यात्रा से बचने के लिए कहा गया है। बयान के मुताबिक यूक्रेन में मौजूदा स्थिति की अनिश्चितताओं के मद्देनजर वहां भारतीय नागरिक, खास तौर पर छात्र, जिनका रहना जरूरी नहीं है, अस्थायी रूप से देश (यूक्रेन) छोड़ने पर विचार कर सकते हैं।हालांकि यूक्रेन में भारतीयों की संख्या कितनी है इसको लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। लेकिन बताया जा रहा है कि वहां करीब 18000 भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं। कोरोना महामारी की वजह से इन आंकड़ों में कमी भी आ सकती है। भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करने के लिए भी कहा है ताकि जरूरत पड़ने पर उन तक मदद पहुंचाई जा सके। इससे पहले अमेरिका, ब्रिटेन, नार्वे, जापान और डेनमार्क पहले ही अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने के लिए कह चुके हैं। दूसरी और यूक्रेन में रह रहे छात्रों का कहना है कि वे डरे हुए हैं और अपने देश लौटना चाह रहे हैं। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल रही। छात्रों ने तो यह भी दावा किया है कि 70000 का किराया अचानक दो लाख के करीब पहुंच गया है।रूस ने कहा कि सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहीं कुछ सैन्य टुकड़ियां अपने सैन्य अड्डे के लिए लौटना शुरू करेंगी। हालांकि, रूस ने वापसी का ब्योरा नहीं दिया है, लेकिन इससे यह उम्मीद जगी है कि शायद रूस की योजना यूक्रेन पर हमला करने की न हो। यह ऐलान रूसी विदेश मंत्री के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने संकेत दिए थे कि उनका देश उन सुरक्षा संबंधी समस्याओं पर बातचीत जारी रखने के लिए राजी है, जिसने यूक्रेन संकट को जन्म दिया। तनाव पनपने के हफ्तों बाद रूस के रुख में यह परिवर्तन दिखा। हालांकि अब भी पश्चिमी देशों के अधिकारी यह चेतावनी देना जारी रखे हुए हैं कि रूस किसी भी क्षण यूक्रेन पर हमला कर सकता है और वह सैन्य साजो सामान सीमा की ओर ले जा रहा है।
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