होम ट्विशा डेथ केस में बड़ा मोड़! पूर्व जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने भेजा जेल
भोपाल में चर्चित ट्विशा डेथ केस में मंगलवार (2 जून) को अहम न्यायिक फैसला सामने आया। जिला अदालत ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। यह आदेश सेशन जज शोभना भालवी की अदालत ने सुनाया।
भोपाल में चर्चित ट्विशा डेथ केस में मंगलवार (2 जून) को अहम न्यायिक फैसला सामने आया। जिला अदालत ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। यह आदेश सेशन जज शोभना भालवी की अदालत ने सुनाया।
दोनों आरोपियों की सीबीआई रिमांड मंगलवार को समाप्त हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।
इससे पहले 29 मई को अदालत ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा था। जांच एजेंसी ने इस दौरान दोनों से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की।
सीबीआई ने जांच के दौरान कथित घटनास्थल का भी निरीक्षण किया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी रखी।
पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को 27 मई को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी ने भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके घर पर सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
गिरफ्तारी उस समय हुई जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू की।
मामले में गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया था। ट्विशा शर्मा की मौत के बाद वह लगभग एक सप्ताह तक लापता बताए गए थे।
गिरफ्तारी के बाद 23 मई को समर्थ सिंह को भोपाल की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 29 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में सीबीआई ने आगे की पूछताछ के लिए उनकी रिमांड मांगी थी।
जानकारी के अनुसार ट्विशा शर्मा कथित तौर पर भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। घटना के बाद उनके परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद विस्तृत जांच की मांग उठी और बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
रिमांड अवधि के दौरान सीबीआई टीम समर्थ सिंह को कथित घटनास्थल पर भी लेकर गई थी। जांच एजेंसी ने वहां विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराई और कई घंटे तक घर में मौजूद रहकर साक्ष्य जुटाए।
इस दौरान अधिकारियों ने फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई। साथ ही समर्थ सिंह से 12 मई की रात हुई घटनाओं के संबंध में विस्तार से पूछताछ की गई। अब मामले में अगली सुनवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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