होम Rajpal Yadav को Supreme Court से आखिरी मौका, कोर्ट ने कहा- आप पर भरोसा कैसे करें?
चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। 15 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई में अदालत ने उन्हें रकम जमा करने के लिए दो हफ्ते का आखिरी मौका दिया।
चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। 15 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई में अदालत ने उन्हें रकम जमा करने के लिए दो हफ्ते का आखिरी मौका दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनका पिछला आचरण भरोसे के लायक नहीं रहा है, इसके बावजूद अदालत उन्हें एक और अवसर दे रही है। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव भी ऑनलाइन जुड़े हुए थे, हालांकि जजों ने उनसे कोई सवाल नहीं किया। उनके वकील की ओर से दिए गए आश्वासन के आधार पर अदालत ने अंतिम मौका दिया और राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश भी दिया।
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि कुछ संपत्तियों की बिक्री के जरिए पैसे की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा, 'कुछ संपत्ति की बिक्री से पैसे के प्रबंध किया जा रहा है. 2 हफ्ते में कम से कम 2 करोड़ का ड्राफ्ट कोर्ट में पेश करेंगे. बाकी पैसों के भुगतान का भी फाइनल शेड्यूल बताएंगे.'
वकील के इस आश्वासन के बाद अदालत ने राजपाल यादव को दो सप्ताह का अंतिम अवसर दिया। हालांकि, सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने उनके पिछले आचरण को लेकर कड़ी टिप्पणी की। CJI सूर्यकांत ने कहा, 'उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए, कोई उन पर कैसे भरोसा कर सकता है? वह बॉलीवुड में ड्रामा और एक्टिंग करने में माहिर हैं और कोर्ट में भी वही कर रहे हैं.'
इस मामले में अब अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। अदालत ने राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट जमा करने का भी निर्देश दिया है।
इससे पहले 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी। इस याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें कई चेक बाउंस मामलों में उनकी सजा को बरकरार रखा गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने उस समय 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर राजपाल यादव और उनकी पत्नी को सरेंडर करने से छूट दी थी। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) का जिक्र होने के बाद याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था और सशर्त नोटिस जारी किया था। अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया था।
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने पिछले आदेश में कहा था, 'मौखिक रूप से जिक्र किए जाने पर, स्पेशल लीव पिटीशन को सुनवाई के लिए स्वीकार किया जाता है.' इसके साथ ही अदालत ने सरेंडर से छूट को 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त से जोड़ा था।
कोर्ट ने निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ताओं को सरेंडर करने से तब तक छूट दी जाएगी, जब तक वे तय समय के भीतर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करते हैं। आदेश में कहा गया था, 'याचिकाकर्ताओं द्वारा 9 सितंबर इस अदालत की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर, उन्हें सरेंडर करने से छूट दी जाती है.'
अब 15 सितंबर की सुनवाई में अदालत ने दो सप्ताह का अंतिम अवसर दिया है। राजपाल यादव की ओर से दो सप्ताह के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट पेश करने और बाकी रकम के भुगतान का अंतिम शेड्यूल देने का आश्वासन दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
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