होम स्कूलों की लाइब्रेरी में बड़ा ऑडिट! योगी सरकार ने मंगाई किताबों की पूरी हिसाब-किताब, भुगतान तक की होगी जांच

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेशयूथशिक्षा Alert Star Digital Team Jun 1, 2026 07:27 PM

स्कूलों की लाइब्रेरी में बड़ा ऑडिट! योगी सरकार ने मंगाई किताबों की पूरी हिसाब-किताब, भुगतान तक की होगी जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई पुस्तकों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत खरीदी गई पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है।

स्कूलों की लाइब्रेरी में बड़ा ऑडिट! योगी सरकार ने मंगाई किताबों की पूरी हिसाब-किताब, भुगतान तक की होगी जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई पुस्तकों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत खरीदी गई पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया के तहत सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विद्यालयों तक पुस्तकों की आपूर्ति सही तरीके से हुई है या नहीं।

जिलेवार होगी पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान की समीक्षा

शासन स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार, परिषदीय विद्यालयों की लाइब्रेरी के लिए चयनित प्रकाशकों और आपूर्तिकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई पुस्तकों का जिलेवार सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं।

अधिकारियों को आपूर्तिकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत विवरणों का स्थानीय अभिलेखों से मिलान कर प्रमाणित रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुस्तकों की वास्तविक आपूर्ति हुई या नहीं और भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया या नहीं।

अभिलेखों के मिलान से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

सत्यापन अभियान के दौरान पुस्तकों की संख्या, गुणवत्ता, आपूर्ति की स्थिति और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। शासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालयों के लिए स्वीकृत संसाधनों का सही उपयोग हुआ हो और किसी प्रकार की अनियमितता न हुई हो।

जिला स्तर पर तैयार रिपोर्ट के आधार पर शासन पूरे मामले की समीक्षा करेगा और आवश्यक होने पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचे।

विद्यालयी पुस्तकालयों को सशक्त बनाने और छात्रों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए भी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। इसी दिशा में यह सत्यापन अभियान एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गड़बड़ी मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई

शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता, गलत भुगतान या पुस्तकों की आपूर्ति में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का मानना है कि शैक्षणिक संसाधनों की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है।

समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजना को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सत्यापन प्रक्रिया से समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि पुस्तकालयों के लिए खरीदी गई सामग्री वास्तव में छात्रों तक पहुंच रही है और उसका लाभ शिक्षण प्रक्रिया में मिल रहा है।

राज्य सरकार की यह पहल विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर पठन-पाठन वातावरण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

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