होम सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पश्चिम बंगाल चुनाव में किसे मिलेगा वोट का अधिकार, जानिए पूरी डिटेल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम अपील के बाद मंजूर किए जाएंगे, वही इस बार मतदान कर सकेंगे। वहीं जिनकी अपील अभी लंबित है, उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं मिलेगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम अपील के बाद मंजूर किए जाएंगे, वही इस बार मतदान कर सकेंगे। वहीं जिनकी अपील अभी लंबित है, उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं मिलेगा।
राज्य में चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे, जिनकी तारीख 23 अप्रैल और 29 अप्रैल तय की गई है। पहले चरण के लिए 21 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 27 अप्रैल तक जिन अपीलों का निपटारा होगा, उनके आधार पर सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार SIR अपील ट्रिब्यूनल जिन लोगों के नामों को मंजूरी देगा, केवल वही मतदाता सूची में शामिल होकर वोट डाल पाएंगे। इस प्रक्रिया के तहत कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों की अध्यक्षता में 19 ट्रिब्यूनल अपीलों की सुनवाई कर रहे हैं।
हालांकि, न्यायिक अधिकारियों द्वारा दावों की जांच के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने कोर्ट में दलील दी थी कि इस स्थिति में लाखों लोग मतदान से वंचित रह सकते हैं और उन्हें मौका दिया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को नियमों के अनुसार मतदाता सूची को फ्रीज कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए निर्देश दिया है कि 21 या 27 अप्रैल तक जिन अपीलों पर फैसला होगा, उन्हें इसी चुनाव में लागू किया जाए।
यदि किसी व्यक्ति की अपील स्वीकार होती है, तो उसे सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में शामिल कर मतदान का अधिकार दिया जाएगा।
कोर्ट ने साफ कहा है कि जिन लोगों की अपील अभी भी लंबित है, उन्हें इस बार वोट डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट का मानना है कि लंबित मामलों को अनुमति देने से फिर से अनिश्चित स्थिति पैदा हो सकती है।
अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के उन न्यायिक अधिकारियों की सराहना की, जिन्होंने सीमित समय और कठिन परिस्थितियों में SIR से जुड़े मामलों का निपटारा किया।
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