होम डिजिटल अरेस्ट से जुड़े सभी केस CBI को ट्रांसफर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पूरी आजादी से करें जांच, SIT के गठन का भी निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही ठगी की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए, इससे जुड़े सभी केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को ट्रांसफर कर दी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों ने सीबीआई को जांच की सामान्य सहमति नहीं दे रखी है,
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर हो रही ठगी की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए, इससे जुड़े सभी केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को ट्रांसफर कर दी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों ने सीबीआई को जांच की सामान्य सहमति नहीं दे रखी है, वह भी अपने यहां दर्ज 'डिजिटल अरेस्ट' के केस सीबीआई को सौंप दें।
सोमवार (1 दिसंबर) को चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने 'डिजिटल अरेस्ट' मामलों की जांच को लेकर कई अहम निर्देश दिए हैं:
कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह दो हफ्ते के अंदर ऐसे विशेषज्ञों के नाम सुझाए, जो इंटरनेट ठगी के विषय की जानकारी रखते हैं। इन विशेषज्ञों और सीबीआई अधिकारियों को मिलाकर एक एसआईटी (SIT) बनाने पर विचार किया जाएगा।
कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल डिजिटल अरेस्ट पर सुनवाई हो रही है। इसके बाद इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी पर भी सुनवाई की जाएगी।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।