होम होर्मुज संकट के बीच नया गेमप्लान, सऊदी-UAE-तुर्किए ने खोजा ऐसा रास्ता, बदल सकती है वैश्विक सप्लाई चेन
मध्य पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब, यूएई और तुर्किए ने वैकल्पिक व्यापार और ऊर्जा मार्गों की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।
मध्य पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब, यूएई और तुर्किए ने वैकल्पिक व्यापार और ऊर्जा मार्गों की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। ईरान द्वारा होर्मुज पर नाकेबंदी के बाद वैश्विक स्तर पर कई देशों को आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते अब क्षेत्रीय शक्तियां नए रास्ते विकसित करने में जुट गई हैं।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब, यूएई और तुर्किए की सरकारें जमीनी रेल नेटवर्क, समुद्री कॉरिडोर और पाइपलाइन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य होर्मुज और लाल सागर के पारंपरिक मार्गों पर निर्भरता को कम करना है, ताकि भविष्य में किसी भी अवरोध का असर कम से कम पड़े।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के बाद होर्मुज जलमार्ग पर नाकेबंदी की स्थिति बनी। इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा, क्योंकि यह मार्ग दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पहल खाड़ी क्षेत्र में पारंपरिक और कमजोर बुनियादी ढांचे पर निर्भरता से हटकर एक बड़े ढांचागत बदलाव की ओर इशारा करती है। नए प्रस्तावित मार्गों के तहत यूएई और ओमान के बंदरगाहों से माल को फारस की खाड़ी के बाहर से ट्रांसपोर्ट किया जाएगा, जिसे सऊदी अरब के रास्ते जॉर्डन तक पहुंचाया जाएगा। वहां से यह माल मिस्र के स्वेज नहर या सीरिया के बंदरगाहों के जरिए भूमध्य सागर तक ले जाया जाएगा।
इन योजनाओं के तहत कुछ प्रोजेक्ट पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। यूएई और सऊदी अरब के बंदरगाहों को जोड़ने वाले समुद्री और जमीनी कॉरिडोर, साथ ही जॉर्डन की रेल सेवाएं इसी साल चालू की गई हैं। इसके अलावा सऊदी अरब ने अपने नियोम बंदरगाह से माल ढुलाई सेवा की शुरुआत की है, जो स्वेज नहर को खाड़ी देशों और इराक से जोड़ती है।
सऊदी अरब, यूएई, तुर्किए और जॉर्डन मिलकर ऐतिहासिक हिजाज रेलवे को दोबारा शुरू करने की योजना पर काम कर रहे हैं। यह रेलवे अम्मान और दमिश्क के रास्ते जेद्दा को इस्तांबुल से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में जेद्दा में आयोजित जीसीसी शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने क्षेत्रीय रेलवे नेटवर्क को तेजी से विकसित करने पर सहमति जताई। प्रस्तावित नेटवर्क सऊदी अरब को यूएई, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन से जोड़ेगा। इसके साथ ही बहु-देशीय तेल और गैस पाइपलाइन नेटवर्क, बिजली ट्रांसमिशन लाइन और जल आपूर्ति प्रणाली के विकास पर भी चर्चा जारी है।
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