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राजनाथ बोले- सैनिकों और देश के निर्माताओं के नाम पर रखे जाने चाहिए सड़कों और भवनों के नाम
रक्षा संपदा महानिदेशालय के 96 वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के छावनी क्षेत्रों में सड़कों तथा भवनों के नाम बदलकर उन वीर, साहसी तथा सेनानायकों के नाम पर रखने पर विचार किया जाना चाहिए जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। राजनाथ ने कहा कि हमारी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में भी छावनियों में ऐसी कई सड़कें और इमारतें हैं जिनका नाम ब्रिटिश क्राउन के प्रति वफादार ब्रिटिश अधिकारियों और सैनिकों के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय और डीजीडी इस बात पर विचार करे कि ऐसी सभी सड़कों और भवनों का नाम हमारे बहादुर सैनिकों और आधुनिक भारत के निर्माताओं के नाम पर रखा जाना चाहिए।इसके साथ ही राजनाथ ने कहा कि इस काम को जितना जल्द हो सके उतना जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि इतिहास से छेड़छाड़ करना या किसी दुर्भावना या संक्रमित मानसिकता से प्रेरित होकर मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं। उन्होंने कहा कि हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जिन ब्रिटिश अधिकारियों ने क्षेत्र और देश की जनता के प्रति भलाई का काम किया है उन्हें आगामी पीढ़ी से परिचय कराया जाए और उनके नामों को यथावत रखा जाए। राजनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा संकल्प होना चाहिए कि CDS के पद के सृजन, डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की स्थापना व इस तरह के अन्य रिफॉर्म के साथ हमारी सरकार ने सशस्त्र बलों को सुदृढ़ और सशक्त बनाने का जो सिलसिला शुरू किया था उसमें पूरा योगदान दें। इस मौके पर उत्कृष्टता के लिए रक्षा मंत्री पुरस्कार 2021 भी प्रदान किये। इससे पहले राजनाथ सिंह ने 50वें विजय दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार को कहा कि 1971 का भारत-पाक युद्ध भारतीय सेना के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है। भारत ने इस युद्ध में पाकिस्तान को मात दी थी। इसी युद्ध के बाद बांग्लादेश अस्तित्व में आया था। इस दिन को ‘विजय दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है।
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