होम दुनिया झुकी संगम नगरी के आगे, 20 लाख विदेशी पहुंचे प्रयागराज, UP बना ग्लोबल आस्था हब
उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों का असर अब साफ नजर आने लगा है। वर्ष 2025 में Prayagraj में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे, जो इसे वैश्विक स्तर पर आस्था और संस्कृति का बड़ा केंद्र बनाता है।
उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों का असर अब साफ नजर आने लगा है। वर्ष 2025 में Prayagraj में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे, जो इसे वैश्विक स्तर पर आस्था और संस्कृति का बड़ा केंद्र बनाता है।
इसके अलावा Varanasi में 3,21,358, Mathura में 1,42,134 और Ayodhya में 65,487 विदेशी पर्यटकों ने 2025 में दर्शन और पर्यटन के लिए यात्रा की।
प्रयागराज सदियों से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के लिए जाना जाता है। यहां के घाट, मंदिर, आश्रम और आध्यात्मिक माहौल विदेशी पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित कर रहे हैं।
विदेशी श्रद्धालु यहां संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग और ध्यान के जरिए भारतीय संस्कृति को करीब से समझने पहुंचते हैं। खासकर धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखने को मिलती है।
राज्य में Yogi Adityanath के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ा है। पर्यटन स्थलों पर बेहतर पुलिसिंग, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई और सड़क, एयरपोर्ट व रेलवे सुविधाओं में सुधार का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।
प्रयागराज में घाटों के सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार ने भी पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाया है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, प्रयागराज अब सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं रहा, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है। यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया से बड़ी संख्या में लोग यहां आ रहे हैं।
विदेशी पर्यटक भारतीय परंपराओं, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जीवनशैली से प्रभावित होकर यहां की यात्रा कर रहे हैं।
वर्ष 2025 में आयोजित Mahakumbh 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में नया इतिहास रचा। 45 दिनों तक चले इस आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
13 जनवरी 2025 से शुरू हुए इस आयोजन में 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से भारी भीड़ उमड़ी। प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि मात्र 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार करना अपने आप में रिकॉर्ड रहा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। इसके अलावा 300 से अधिक गोताखोरों की तैनाती और 10 लाख से ज्यादा लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था भी की गई थी।
2025 में 20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का संकेत है कि प्रयागराज की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से मजबूत हो रही है। आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।