होम Crypto Fraud Case News: जावेद हबीब और बेटे अनोश हबीब की हाईकोर्ट में याचिका, क्रिप्टो फ्रॉड केस में एफआईआर रद्द करने की मांग
मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब ने क्रिप्टो फ्रॉड केस में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.
Crypto Fraud Case News: मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब ने क्रिप्टो फ्रॉड केस में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. दोनों ने अपने वकीलों के माध्यम से अदालत में अपील की है कि संभल जिले के रायसत्ती थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए. इस मामले की सुनवाई कल होने वाली है.
जावेद हबीब और उनके बेटे पर क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में शामिल होने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, इन पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है और दोनों के खिलाफ सर्च वारंट जारी किया जा चुका है.
एफआईआर में कहा गया है कि जावेद और अनोश हबीब ने निवेशकों को एफएलसी कंपनी के माध्यम से 50 से 70 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच दिया था. लोगों को झांसा देकर उनसे दो से बीस लाख रुपये तक निवेश कराया गया. जांच में सामने आया कि इस स्कीम के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को ठगा गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक जावेद हबीब और उनके बेटे के खिलाफ 32 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. पुलिस ने जावेद, अनोश और उनके सहयोगी सैफुल के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है.
यूपी पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए हबीब परिवार के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अपनी कंपनी फॉलिकल ग्लोबल कंपनी के नाम से फर्जी बिटकॉइन स्कीम चलाई थी. इस स्कीम के जरिए उन्होंने करीब 150 निवेशकों से 5 से 7 करोड़ रुपये ठग लिए.
यूपी पुलिस ने हाल ही में दिल्ली स्थित उनके घर पर छापा भी मारा, लेकिन दोनों वहां नहीं मिले. अगर वे आगे भी फरार रहे तो अदालत गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर सकती है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों पिता-पुत्र फरार हैं और पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है. हाईकोर्ट की सुनवाई में यह देखना अहम होगा कि अदालत एफआईआर रद्द करने पर क्या रुख अपनाती है.
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।