होम मानवाधिकार पर बोलते-बोलते हामिद अंसारी ने खड़ा किया विवाद, भाजपा ने दिया करारा जवाब
मानवाधिकार पर बोलते-बोलते हामिद अंसारी ने खड़ा किया विवाद, भाजपा ने दिया करारा जवाब
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान से विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में असहिष्णुता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हमने उन प्रवृत्तियों और प्रथाओं के उद्भव का अनुभव किया है, जो नागरिक राष्ट्रवाद के सुस्थापित सिद्धांत को लेकर विवाद खड़ा करती हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की एक नई एवं काल्पनिक प्रवृति को बढ़ावा देती हैं।
पूर्व उपराष्ट्रपति ने इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल की ओर से आयोजित किए गए कार्यक्रम में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश में लोगों को धर्म के आधार पर अलग करने का प्रयास हो रहा है। भारत में मानवाधिकारों की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए हामिद अंसारी ने कहा कि हाल के वर्षों में हमने उन प्रवृत्तियों और प्रथाओं के उद्भव का अनुभव किया है, जो नागरिक राष्ट्रवाद के सुस्थापित सिद्धांत को लेकर विवाद खड़ा करती हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की एक नई एवं काल्पनिक प्रवृति को बढ़ावा देती हैं। वह नागरिकों को उनके धर्म के आधार पर अलग करना चाहती हैं, असहिष्णुता को हवा देती हैं और अशांति एवं असुरक्षा को बढ़ावा देती हैं।
अमेरिकी सासंदों ने कही यह बात
इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल के कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति के साथ-साथ अमेरिका के चार सांसद भी शामिल हुए और उन्होंने भी मानवाधिकारों को लेकर अपनी चिंता जताई। अमेरिकी सांसद जेमी रस्किन ने कहा कि भारत में धार्मिक अधिनायकवाद और भेदभाव के मुद्दे पर बहुत सारी समस्याएं हैं। इसलिए हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भारत हर किसी के लिए धार्मिक स्वतंत्रता, स्वतंत्रता, बहुलवाद, सहिष्णुता और असहमति का सम्मान करने की राह पर बना रहे।
वहीं भारत विरोधी बातें करने वाले डेमोक्रेटिक सांसद एड मार्के ने कहा कि एक ऐसा माहौल बना है, जहां भेदभाव और हिंसा जड़ पकड़ सकती है। हाल के वर्षों में हमने ऑनलाइन नफरत भरे भाषणों और नफरती कृत्यों में वृद्धि देखी है। इनमें मस्जिदों में तोड़फोड़, गिरजाघरों को जलाना और सांप्रदायिक हिंसा भी शामिल है।
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