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समाचारदेशप्रादेशिकीदिल्ली Alert Star Digital Team Dec 7, 2024 08:44 PM

दिल्ली विधानसभा चुनाव में दलित वोटरों पर बीजेपी की नजर, जीत के लिए बनाई ये रणनीति

दिल्ली विधानसभा चुनाव में दलित वोटरों पर बीजेपी की नजर, जीत के लिए बनाई ये रणनीति

दिल्ली विधानसभा चुनाव में दलित वोटरों पर बीजेपी की नजर, जीत के लिए बनाई ये रणनीति

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है. पार्टी ने इस विधानसभा चुनाव में दलित वोटरों को साधने की रणनीति बनाई है. दिल्ली के 30 विधानसभा सीटों पर अनुसूचित जाति की बहुलता है. इसे जीतने के लिए बीजेपी ने विशेष रणनीति बनाई है.दिल्ली में अनुसूचित जाति वाले 30 विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी ने अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. इनमें 12 वो विधानसभा क्षेत्र हैं, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं.बीजेपी सूत्रों का कहना है कि इन सभी 30 विधानसभा क्षेत्रों में 1-1 विस्तारक की नियुक्ति की जाएगी. ये विस्तारक अनुसूचित जाति के ही होंगे. इन 30 विधानसभा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ घर-घर जाकर संपर्क बढ़ाया जा रहा है. ‘विस्तारक’ और अनुसूचित जाति के एक जनप्रतिनिधि को इलाके में जनसंपर्क के कार्य में लगाया गया है.बीजेपी का लोकसभा चुनावों में सात संसदीय सीटों के 12 अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षित विधानसभा क्षेत्रों में बहुत ही बेहतर रिजल्ट रहा है. 12 में से 8 विधानसभा सीटों पर बीजेपी को इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों से अधिक मत मिले थे. इससे पार्टी के नेताओं का मानना है कि जिन इलाकों में दलित मतदाता हैं, वहां पार्टी जीत हासिल कर सकती है.
बीजेपी साल 2013 के बाद से ही दिल्ली के दलित बहुल सीटों पर जीत हासिल नहीं कर पाई है. इन्हीं अनुसूचित जाति वर्ग का वोट हासिल कर आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती रही है. दिल्ली में अनुसूचित जाति कोटे की आरक्षित सीटों 12 सीटों के अतिरिक्त18 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां दलित वोटर्स चुनाव अहम भूमिका निभाते हैं. इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के 17 से 43% तक वोटर्स हैं.
विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने बनाया प्लान
पार्टी ने जिन विस्तारकों को नियुक्त किया है वो इन इलाकों के लगभग 4000 बूथों पर ध्यान केंद्रित करेंगे. इसमें 1-11- 121 के फार्मूले के तहत काम करने की योजना बीजेपी ने बनाई है. यानि एक स्थानीय विस्तारक में अंदर बाहर के 11 कार्यकर्ता होंगे और उन 11 के नीचे फिर लोकल स्तर के 121 कार्यकर्ता बूथ पर काम करेंगे.मतदाताओं के साथ घर-घर संपर्क सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बूथ के लिए 1-11-121 स्ट्रेटेजी के तहत काम किया जाएगा. इन सभी 30 विधानसभा क्षेत्रों में एक पूर्व सांसद या विधायक को इंचार्ज बनाकर वहां नियुक्त किए गए वितरकों से कनेक्ट किया जा चुका है.दूसरी तरफ, बीजेपी ने दिल्ली में 8 दिसंबर से शुरू होने वाला रथयात्रा को रोक दिया है. अब ये रथयात्रा करीब 15/16 दिन बाद शुरू किया जाएगा. पार्टी सूत्रों के मुताबिक रथयात्रा शुरू करने से पहले बीजेपी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करना चाहती है. मिली जानकारी के मुताबिक 21 से 23 दिसंबर के बीच पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी हो सकती है. पहली सूची में करीब 30 नाम पहली शामिल होंगे.कोई सीटिंग सांसद नहीं लड़ेगा चुनावइस बीच, पार्टी ने अपने इंटरनल बैठकों में संकेत दिए हैं कि कोई भी सीटिंग सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा. संकेत इस बात के भी है कि अधिकतर सीटिंग विधायकों के टिकट कट सकते हैं. चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखकर दिल्ली में सभी 14 जिलों में चुनाव प्रभारी विजयंत पांडा और सह प्रभारी अतुल गर्ग लगातार बैठकें ले रहे हैं. अबतक करीब 70 फीसदी जिलों की बैठकें ली जा चुकी है. इन बैठक में स्थानीय समस्या, उम्मीदवारों और चुनाव की दृष्टि से किए जाने वाले कामों की विस्तृत जानकारी ली जा रही है.गौरतलब है कि बीजेपी ने इसी तरह दो महीने पहले हरियाणा और हाल में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भी व्यापक दलित आउटरीच कार्यक्रम चलाया था और विशेष संपर्क अभियान चलाकर बीजेपी ने दलित मतदाताओं को अपने पक्ष में खड़ा कर लिया था. महाराष्ट्र के लगभग 124 विधानसभा में दलित वोटरों के बीच पैठ का फॉर्मूला बीजेपी ने लगाया था. अब वही फॉर्मूला लगाकर बीजेपी दिल्ली में सत्ता हासिल करना चाहती है.

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