होम विधानपरिषद में और मजबूत हो जाएगी BJP, जल्द खाली होने वाली हैं MLC की 6 सीटें
विधानपरिषद में और मजबूत हो जाएगी BJP, जल्द खाली होने वाली हैं MLC की 6 सीटें
अगले डेढ़ महीने में प्रदेश के छह विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। यह सभी सदस्य सपा सरकार में मनोनीत हुए थे, सो इनमें से किसी की वापसी नहीं होगी। खाली होने वाली यह सीटें मनोनयन कोटे की हैं। जाहिर है सत्तापक्ष के खाते में इन्हें जाना है। हालांकि मनोनयन कोटे की इन सीटों का कोटा सरकार के मंत्रियों में ही खप जाएगा।
योगी सरकार में आधा दर्जन ऐसे चेहरों ने शपथ ली थी, जो किसी सदन के सदस्य नहीं थे। इनमें से एक विधान परिषद पहुंच चुके हैं। अखिलेश सरकार में राज्यपाल कोटे से विधान परिषद के लिए मनोनीत हुए मशहूर शायर जाहिद हसन वसीम बरेलवी, बलवंत सिंह रामोवालिया और मधुकर जेटली का कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है जबकि सपा के राजपाल कश्यप, अरविंद कुमार और डा. संजय लाठर का कार्यकाल मई में समाप्त होने वाला है। इनकी जगह अब भाजपाई चेहरे लेंगे। स्थानीय निकाय की 33 सीटों पर जीत हासिल करने के साथ ही उच्च सदन में भाजपाई सदस्यों की संख्या 66 हो गई है।
मनोनयन कोटे की 6 सीट और जीतने के बाद विधान परिषद में भाजपाई सदस्यों की संख्या बढ़कर 72 हो जाएगी। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में शपथ लेने वाले आधा दर्जन मंत्री ऐसे थे, जो किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। इनमें जेपीएस राठौर, दयाशंकर मिश्र दयालु, नरेंद्र कश्यप, जसवंत सैनी, दानिश आजाद और दिनेश प्रताप सिंह शामिल थे। दिनेश प्रताप सिंह हाल ही में स्थानीय निकाय कोटे से विधान परिषद पहुंच गए हैं। अब पांच मंत्रियों को सदन में भेजा जाना है। यदि इन्हें मनोनयन कोटे से उच्च सदन भेजा जाता है तो सिर्फ एक सीट पर ही कोई अन्य चेहरा लाया जा सकेगा। ऐसे में भाजपा के तमाम नेताओं की नजर जुलाई में खाली हो रहीं 14 सीटों पर है।
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