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समाचारदेशराजनीति Alert Star Digital Team Apr 27, 2026 08:40 PM

केजरीवाल पर फिर कसा शिकंजा, CBI की एंट्री से बढ़ीं मुश्किलें, दो भ्रष्टाचार मामलों की होगी जांच

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। Central Bureau of Investigation (CBI) ने भ्रष्टाचार से जुड़े दो पुराने मामलों की जांच अब अपने हाथ में ले ली है।

केजरीवाल पर फिर कसा शिकंजा, CBI की एंट्री से बढ़ीं मुश्किलें, दो भ्रष्टाचार मामलों की होगी जांच

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। Central Bureau of Investigation (CBI) ने भ्रष्टाचार से जुड़े दो पुराने मामलों की जांच अब अपने हाथ में ले ली है। इससे पहले इन मामलों की जांच दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रहा था, लेकिन अब आधिकारिक रूप से इन्हें CBI को सौंप दिया गया है।

गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के बाद बदली जांच एजेंसी

दिल्ली सरकार की सिफारिश और Ministry of Home Affairs द्वारा जारी नोटिफिकेशन के बाद ये दोनों केस CBI को ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें से एक मामला कमल सिंह और उनकी कंपनी से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला सुरेंद्र बंसल और उनकी कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन्स से संबंधित है।

कमल सिंह केस: ठेके में अनियमितताओं के आरोप

पहला मामला कमल सिंह और उनकी कंपनी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि ठेका देने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से वित्तीय गड़बड़ियां की गईं। हालांकि इस मामले की पूरी जानकारी अभी सामने आनी बाकी है, लेकिन CBI ने इसे गंभीर भ्रष्टाचार का मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी है। एजेंसी अब ठेका प्रक्रिया, नियमों के पालन और सरकारी खजाने को हुए संभावित नुकसान की जांच करेगी।

सुरेंद्र बंसल केस: रिश्तेदारी और ठेके पर सवाल

दूसरा और अधिक चर्चित मामला सुरेंद्र बंसल और उनकी कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन्स से जुड़ा है। सुरेंद्र बंसल, जो कि Arvind Kejriwal के साले थे, उनका 2017 में निधन हो चुका है। आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के कुछ अधिकारियों की मदद से उनकी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया।

एफआईआर के मुताबिक, यह ठेका करीब 46 प्रतिशत कम रेट पर दिया गया था, जो सामान्य परिस्थितियों में संदेह पैदा करता है। यही वजह है कि इस केस को राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

आगे क्या होगी जांच की दिशा?

अब CBI दोनों मामलों में ठोस सबूत जुटाने, ठेका प्रक्रिया की जांच करने और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने पर फोकस करेगी। आने वाले समय में इस जांच के आधार पर कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

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