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मजदूरों के लिए सौगात लाई दिल्ली सरकार
नई दिल्ली. केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने कहा है कि अब श्रमिकों (Labours) को अपना हक पाने के लिए महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. मजदूरों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण (Registration) कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं. अब 1076 पर कॉल कर घर बैठे ही मजदूर पंजीकरण करा सकते हैं. इसके साथ ही 20 दिनों के अंदर ही सहायता दावों का निपटारा भी हो जाएगा. गुरुवार को दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शिक्षा, पेंशन, मृत्यु और मातृत्व सहायता क्लेम के तहत निर्माण श्रमिकों को सहायता राशि देते यह बात कही.
दिल्ली सरकार ने 3.18 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की
मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को दिल्ली निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत 488 निर्माण श्रमिकों को 3.18 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की. इस कार्यक्रम के तहत श्रमिकों को मातृत्व लाभ के 181 क्लेम, शिक्षा लाभ के 131 क्लेम, दुघर्टना, प्राकृतिक मृत्यु के 53 क्लेम और पेंशन संबंधित 51 क्लेम के दावेदारों में सहायता राशि का वितरण किया गया. हक पाने के लिए महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा-सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के लिए दिल्ली सरकार हमेशा तत्पर और तैयार है. अरविंद केजरीवाल सरकार का इस पर पूरा फोकस है. उन्होंने कहा कि श्रमिकों को अपना हक पाने के लिए महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अब उनके क्लेम का निपटारा अब 20 दिनों के अंदर हो जाएगा. जो निर्माण श्रमिक दिल्ली में चमचमाते स्कूलों को बना रहे हैं. दिल्ली के अस्पतालों को बना रहे हैं. दिल्ली सरकार प्रतिबद्ध है कि उन्हें सभी सहायता दे और उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा दे.
1076 पर कॉल कर घर बैठे ही पंजीकरण करवाएं
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मजदूरों को अपना पंजीकरण करवाने के लिए अब दफ्तरों के सामने लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं है. दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए डोर स्टेप सर्विस के तहत 1076 पर कॉल कर अपने घर बैठे ही श्रमिक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं.
पंजीकृत श्रमिकों को मिलते हैं ये सब लाभ
दिल्ली निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को दिल्ली सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता प्रदान करती है. जिसके तहत श्रमिकों को स्वयं और पुत्र/पुत्री के विवाह के लिए 35 हजार से 51 हजार रुपए तक की सहायता राशि. अपंग होने पर 1 लाख की सहायता राशि. बच्चों की शिक्षा के लिए 500 से 10,000 रुपए प्रतिमाह. 3000 रुपए प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन, दुर्घटना मृत्यु पर 2 लाख की सहायता राशि, प्राकृतिक मृत्यु पर 1 लाख की सहायता राशि, प्रसूति लाभ के तहत 30 हजार रुपए की राशि दी जाती है.
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