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पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद बोले, मठ-मंदिरों की सुरक्षा का दायित्व निभाएं योगी
प्रयागराजः पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने मठ-मंदिरों की संपत्ति पर पुराने न्यासियों या अराजक तत्वों द्वारा कब्जा करने की प्रवृत्ति को लेकर चिंता प्रकट की है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मुद्दे पर ध्यान देने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में मठ-मंदिरों का उद्धार हो सकता है क्योंकि यहां एक योगी, बचपन से संन्यासी और नाथ संप्रदाय के मूर्धन्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और उनका यह दायित्व है कि वह इस पर ध्यान दें.
मठ-मंदिरों की स्थिती दयनीय
माघ मेले में अपने शिविर में पीटीआई-भाषा से बातचीत में उन्होंने कहा है कि गोशालाओं का संचालन, संस्कृत विद्यालयों का संचालन, गोवंश का संरक्षण इन मठ-मंदिरों और संतों द्वारा ही किया जा रहा है. मठ-मंदिरों की दयनीय स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा है कि मठ-मंदिरों की संपत्ति पर पुराने न्यासियों या अराजक तत्वों के कब्जा करने की प्रवृत्ति देखी गई है.
अन्य धर्म के लोगों को मिल रहा है उनके संस्थानों से अतिरिक्त प्रशिक्षण
उनका कहना है कि लेकिन अगर कोई महंत कथावाचक नहीं है, राजनीतिक व्यक्तियों से गठबंधन नहीं है, व्यापारियों से गठबंधन नहीं है तो ऐसे मठ के साधु-संत मठ चला सकें, ठाकुर जी को भोग लगा सकें यही बहुत है. उन्होंने कहा है कि हमारे मठ-मंदिर सनातन धर्मियों के दुर्ग हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इनका संचालन धर्मनिरपेक्ष शासन तंत्र द्वारा किया जाने लगा है. वहीं दूसरी ओर अन्य धर्म के लोगों को उनके संस्थानों से अतिरिक्त प्रशिक्षण मिल रहा है
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