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इंग्लैंड के पराक्रम को ध्वस्त करने को मुस्तैद विराट सेना
जो रूट की कप्तानी में पिछली चार सीरीज जीतने वाला इंग्लैंड की क्रिकेट टीम का विजय रथ भारत पहुंच चुका है। इंग्लैंड को पांच फरवरी से भारत में चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है और पिछली चार सीरीज में जीत से उसके हौसले बुलंद हैं। हालांकि, भारत दौरा इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतकर लौटी टीम इंडिया अब विराट कोहली की कप्तानी में अपने मैदानों पर इंग्लैंड के पराक्रम को ध्वस्त करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ तैयार है।
भारत और इंग्लैंड के बीच इस बार टेस्ट सीरीज बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है। इंग्लैंड वह देश है जिसने दुनिया को क्रिकेट का ककहरा सिखाया है। यहां तक कि भारत ने भी टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ ही खेला था। लेकिन, तब से अब तक दोनों टीमों के साथ-साथ क्रिकेट के नियम और इसे खेलने के तरीके के अलावा बहुत कुछ बदल चुका है।
अब भारत की टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शुमार होती है और इसे हल्के में लेना किसी को भी भारी पड़ सकता है। इसके अलावा अब वो दौर बीत गया जब दूसरी टीमें भारत आकर खेलने से कतराती थीं। अब भारत क्रिकेट की महाशक्ति और क्रिकेट का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है और हर देश चाहता है कि उसकी क्रिकेट टीम भारत के साथ खेले, फिर चाहें मुकाबले उसके अपने देश में हों या फिर भारत में। यही वजह है कि पिछली सदी के 67 वर्षो में भारत के सिर्फ 10 दौरे करने वाली इंग्लैंड की टेस्ट टीम का 21वीं सदी में दूसरा दशक पूरा होने से पहले ही यह छठा भारत दौरा है।
पिछली सदी में भारत और इंग्लैंड की टीमों के बीच भारतीय सरजमीं पर जो 10 सीरीज खेली गई थीं उनमें बराबरी की टक्कर देखने को मिली थी। दोनों ही टीमों ने चार-चार सीरीज जीती थीं, जबकि दो सीरीज ड्रॉ रही थीं। हालांकि, सदी बदली तो भारत में इंग्लैंड के लिए सीरीज खेलना चुनौती बन गया। इस सदी में दोनों देशों के बीच भारत में अब तक हुई पांच टेस्ट सीरीज में से तीन को टीम इंडिया अपने नाम करने में सफल रही है, जबकि इंग्लैंड को एक ही सीरीज में जीत मिली है। एक सीरीज ड्रॉ रही है।
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