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ट्रैक्टर परेड हिंसाः किसान संगठनों का एक फरवरी का संसद मार्च स्थगित
कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठन ट्रैक्टर परेड में हिंसा के बाद बैकफुट पर हैं। किसान संगठनों ने 1 फरवरी को प्रस्तावित संसद मार्च स्थगित करने का ऐलान किया है। बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता भारतीय किसान यूनियन (आर) के बलबीर राजेवाल ने संसद मार्च स्थगित करने की घोषणा की। 30 जनवरी को शहीदी दिवस पर एक दिन का व्रत रखेंगे और पूरे भारत में सार्वजनिक रैलियाँ करेंगे। अगला कार्यक्रम अगली मीटिंग में तय किया जाएगा।
बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान परेड सरकारी साज़िश का शिकार हुई। संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली में हुई हिंसक घटनाओं से खुद को अलग किया इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दीप सिद्धू आरएसएस का एजेंट है। दीप सिद्धू ने लाल क़िले पर धार्मिक झंडा लगाकर तिरंगे का अपमान किया और देश की और हमारी भावनाएं आहत हुई।
राजेवाल ने सरकार पर साजिश के तहत आंदोलन तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों ने शांतिपूर्वक आंदोलन किया है। गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड के लिए हमने पांच रूट तैयार किए थे। उन्होने कहा, "मैं किसान मोर्चा की तरफ से देश से माफी मांगता हूं। कल किसान परेड का आयोजन किया, ये अपने आप में एतिहासिक था हम 26 नवंबर को यहां आकर बैठे कोई दिक्कत नहीं हुई.। कुछ संगठन कह रहे थे कि वो लाल किला जाएंगे,..सरकार से मिलीभगत थी।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा।. सभी लोग लंगर और भंडारे करते रहेंगे। युवाओं को डरने की जरूरत नहीं है कल की घटना के लिए पुलिस प्रशासन दोषी है उन्होंने कहा कि कल की घटना घटी है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन ज़िम्मेदार रहा है। कोई लाल किले पर पहुंच जाए और पुलिस की एक गोली भी न चले। यह किसान संगठन को बदनाम करने की साजिश थी किसान आंदोलन जारी रहेगा।
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