होम अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के आईएएस, आईपीएस काडर का एजीएमयूटी में विलय
अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के आईएएस, आईपीएस काडर का एजीएमयूटी में विलय
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस (भारतीय वन सेवा) के जम्मू-कश्मीर काडर को एजीएमयूटी (दिल्ली-अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिज़ोरम-केंद्र शासित) में विलय कर दिया है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के जम्मू कश्मीर कैडर का बृहस्पतिवार को 'एजीएमयूटी' (अरुणाचल, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित क्षेत्र) कैडर में विलय कर दिया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित और कानून एवं न्याय मंत्रालय जारी एक अधिसूचना के मुताबिक जम्मू कश्मीर कैडर के आईएएस, आईपीएस और भारतीय वन सेवा के अधिकारी अब 'एजीएमयूटी' कैडर का हिस्सा होंगे।
अब, पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर कैडर के अधिकारियों को अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम तथा केंद्र शासित प्रदेश में नियुक्त किया जा सके। आवश्यक संशोधन केंद्र सरकार द्वारा संबद्ध कैडर आवंटन नियमों में किया जा सकता है। केंद्र द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द किये जाने और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों -जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख- में विभाजित किये जाने के एक साल से अधिक समय बाद यह कदम उठाया गया है।
अखिल भारतीय सेवाओं के जम्मू-कश्मीर काडर का वजूद पिछले साल खत्म हो गया था
अखिल भारतीय सेवाओं के जम्मू-कश्मीर काडर का वजूद पिछले साल खत्म हो गया था। जब केंद्र सरकार ने धारा-370 को रद्द करके राज्य को दो केंद्र-शासित क्षेत्रों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ में बांट दिया था। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार, जो अक्तूबर 2019 में प्रभावी हुआ था। सरकार ने जम्मू-कस्मीर रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट 2019 में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी की है।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति दूसरे राज्यों में नहीं होती थी। लेकिन अब नए आदेश के बाद से यहां के अधिकारियों को अन्य राज्य में नियुक्त किया जा सकेगा। राजधानी दिल्ली भी एजीएमयूटी कैडर में ही आती है। आने वाले समय में दिल्ली के अधिकारियों की नियुक्ति भी जम्मू-कश्मीर में हो सकेगी। वहीं जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, गोवा और मिजोरम में की जा सकेगी।
जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के मुताबिक प्रांतीय सेवा अधिकारी दो नये केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए उपराज्यपाल की ओर से नया आदेश जारी होने तक मौजूदा पद पर सेवाएं देना जारी रखेंगे।
भविष्य में, जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश या लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में नियुक्त किए जाने वाले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को अरुणाचल गोवा मिजोरम यूनियन टेरिटरी (एजीएमयूटी) कैडर का माना जाएगा और उसी के अनुरूप कैडर आवंटनों के नियमों में केंद्र सरकार की तरफ से जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
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