होम लॉकडाउन के कारण तबाह होने की कगार पर पहुंची काजू इंडस्ट्री
लॉकडाउन के कारण तबाह होने की कगार पर पहुंची काजू इंडस्ट्री
पहले से ही कई मुद्दों को लेकर जूझ रही केरल की काजू इंडस्ट्री कोरोनावायरस के कारण चल रहे लॉकडाउन के चलते तबाह होने की कगार पर पहुंच गई है. इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी से तुरंत हस्तक्षेप करने व अमेरिका, जापान, मिडिल ईस्ट के राष्ट्रों को निर्यात के लिए अनुमति देने की गुहार लगाई है.
जापान निर्यात होने वाले कुल काजू में केरल का 80 प्रतिशत हिस्सा
काजू इंडस्ट्री प्रोटेक्शन काउंसिल (सीआईपीसी) की ओर से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे गए लेटर में बोला है कि जापान को हर वर्ष निर्यात किए जाने वाले 10 हजार मीट्रिक टन काजू में से 8000 मीट्रिक टन केरल से निर्यात किया जाता है. सीआईपीसी ने लिखा है कि निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप की जरूरत है. यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो हम अपना मार्केट खो देंगे. एक अन्य मामला उठाते हुए सीआईपीसी ने बोला कि हम आईवरी कोस्ट व घाना जैसे अफ्रीकी राष्ट्रों से कच्चे काजू का आयात करते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण यह आयात ठप पड़ा है. यदि हम आयात नहीं कर पाएंगे तो इंडस्ट्री का सफाया हो जाएगा, जबकि हमने खरीदारी के लिए निवेश कर दिया है.
एक वर्ष तक लोन रोकने की सुविधा मिले
सीआईपीसी ने लेटर में लिखा है कि केरल का काजू उद्योग बीते चार वर्षों से मुंह ताक रहा है. यहां की अधिकतर कंपनियां मुश्किल दौर से गुजर रही हैं व बैंकों से रिकवरी नोटिस प्राप्त कर रही हैं. लेटर में बोला गया है कि जो कंपनियां आर्थिक रूप से खतरे के निशान पर पहुंच गई हैं उन्हें एक वर्ष के लिए लोन रोकने की सुविधा प्रदान की जाएगी. यदि ऐसा नहीं होता है तो केरल की काजू इंडस्ट्री हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी.
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