होम मोमबत्ती से रौशनी करने की इस अपील पर बोले पी. चिदंबरम.
मोमबत्ती से रौशनी करने की इस अपील पर बोले पी. चिदंबरम.
5 अप्रैल को रोशनी करने वाली अपील पर कहा है कि वह उनकी बात मानेंगे लेकिन वो भी उनकी बात सुनें. चिदबरम ने कहा, 'प्रतीकवाद महत्वपूर्ण है, लेकिन विचारों और उपायों के लिए गंभीर विचार भी उतना ही महत्वपूर्ण है'. चिदंबरम ने कहा, 'आज हम आपसे जो उम्मीद करते थे, वह वह दूसरी आर्थिक मदद थी, गरीबों के लिए एक उदार आजीविका सहायता पैकेज, जिसमें उन गरीबों की श्रेणियां भी शामिल थीं, जिन्हें 25 मार्च को निर्मला सीतारमण ने द्वारा पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया था.' चिदबंरम ने ट्वविटर पर कहा कि हर कामकाजी पुरुष और महिला, व्यवसायिक व्यक्ति से लेकर दैनिक वेतन भोगी, ने भी आपसे अपेक्षा की है कि आप आर्थिक विकास के इंजन को फिर से शुरू करने के लिए कदमों की घोषणा करें.
पी. चिदंबम ने लिखा, 'प्रिय नरेंद्र मोदी, हम आपकी बात सुनेंगे और 5 अप्रैल को दिया भी जलाएंगे. लेकिन बदले में कृपया हमारी बात भी सुनें और साथ ही महामारी के विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों की भी बात सुनें'
इससे पहले 1 अप्रैल को पी. चिदंबरम ने चेताया था कि तीन तिमाहियों की वृद्धि दर 5.6, 5.1 और 4.7 प्रतिशत रहने के बाद, 2019-20 की चौथी तिमाही कल समाप्त हुई. चौथी तिमाही की वृद्धि 4% से अधिक नहीं हो सकती है. इसलिए 2019-20 के लिए वार्षिक जीडीपी निराशाजनक 4.8% होगी.
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