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लॉकडाउन के दौरान किसी ने किया पुलिस पर हमला तो रासुका लगाएगी योगी सरकार
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शुक्रवार को बताया कि कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान अगर किसी ने पुलिस पार्टी पर हमला बोला तो उसके ऊपर सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगा दिया जाएगा. बता दें, कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन का पुलिस सख्ती से पालन करवाने में जुटी हुई है, जिसका कुछ लोग विरोध कर रहे हैं और कई राज्यों से यह खबरें आ रही हैं कि कहीं डॉक्टरों पर तो कहीं पुलिस पर हमले किए जा रहे हैं.
सरकार ने हमलावरों पर एनएसए लगाने का यह निर्णय उसके बाद लिया है जब राज्य में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां पर पुलिस पार्टी या सिपाहियों पर हमले किए गए हैं, क्योंकि कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए पुलिस सख्ती कर रही है.
गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि पुलिस लॉकडाउन के दौरान लोगों को बाहर आने से रोककर अपना कर्तव्य निभा रही है. लेकिन राज्य में ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया है. ऐसे लोगों के खिलाफ एनएसए लगाने का फैसला किया गया है.
उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद उन लोगों को हिरासत में लेना है जो तालाबंदी को हल्के में ले रहे हैं और यहां तक कि रोके जाने पर पुलिसकर्मियों पर हमले कर रहे हैं.
मुजफ्फर नगर में एक ऐसी घटना ,सामने आई, जिसमें एक उप-निरीक्षक और एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस घटना में एक पुलिस टीम लॉकडाउन को लागू कराने की कोशिश कर रही थी, तो गुस्साए ग्रामीणों के एक समूह ने 1 अप्रैल को पुलिस पर हमला किया था.
गौरतलब है कि पुलिस टीम मुजफ्फर नगर के मोरना गांव के इलाके में गश्त कर रही थी और बाहर जमा हुए लोगों को बाहर निकाल रही थी. जब ग्रामीणों को निषेधात्मक आदेशों का पालन करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने पुलिस कर्मियों पर पथराव करना शुरू कर दिया, जबकि उनमें से कुछ ने अधिकारियों पर लोहे की रॉड से हमला करना शुरू कर दिया.
उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ अन्य ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जिनमें लोग लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.
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