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कोरोना के कहर के बीच कांग्रेस सरकार ने दिया बड़ा तोहफा
कोरोना वायरस के राज्यभर में जारी लॉकलाडन के बीच राज्य सरकार ने शुक्रवार को राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता यानि डीए बढ़ा दिया गया है। हालांकि कि केन्द्र की तुलना में राज्य कर्मचारियों को सरकार ने करीब आठ महीने की देरी के बाद इसका लाभ दिया है।
वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक राज्य कर्मचारियों का डीए अब 12 फीसदी से बढ़कर 17 फीसदी हो गया है। कर्मचारी लंबे समय से डीए बढ़ाने की मांग कर रहे थे। कर्मचारियों ने डीए बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन भी किया था। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ राज्य कर्मचारियों के अतिरिक्त कार्य प्रभारित कर्मचारियों, पंचायत समिति, जिला परिषद के कर्मचारियों तथा राज्य के पेंशनरों को भी देय होगा।
मिली जानकारी के मुताबिक डीए बढ़ोतरी का लाभ राज्य के करीब साढ़े दस लाख कार्मिकों को मिलेगा। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक डीए का लाभ एक जुलाई 2019 से मिलेगा। एक जनवरी 2004 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को एक जुलाई 2019 से 29 फरवरी 2020 तक का लाभ उनके जीपीएफ फंड में जमा होगा। पेंशनरों तथा 1 जनवरी, 2004 एवं उसके बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते/महंगाई राहत का भुगतान नकद देय होगा।
सभी कर्मचारियों को बढ़ाए गए डीए का नकद लाभ 1 मार्च 2020 से मिलेगा। जो कि 1 अप्रेल को मिलने वाले वेतन और पेंशन में इस बढ़ोतरी के साथ मिलेगी। राठौड़ ने डीए बढ़ोतरी के आदेश जारी करने पर सरकार का आभार जताया है। साथ ही मांग की है कि राज्य कर्मचारियों को केन्द्र के अनुरूप डीए का लाभ नियत समय पर दिया जाए। गौरतलब है कि इस वृद्धि से लगभग 8 लाख कर्मचारी एवं 4.40 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। डीए बढ़ोतरी से सरकार पर करीब 400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में डीए बढ़ाने की घोषणा की थी। महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से राज्य सरकार पर वित्तीय वर्ष 2020-21 में लगभग 3417 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
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