होम जय जगत तथा वोटरशिप दो सबसे शक्तिशाली विचार हैं जिससे विश्व को बदला जा सकता है - पी.के. सिंह पाल
जय जगत तथा वोटरशिप दो सबसे शक्तिशाली विचार हैं जिससे विश्व को बदला जा सकता है -
कानपुर, उत्तर प्रदेश। विशाल पाल (धनगर ) महासम्मेलन अभूतपूर्व सफलता के साथ डा. चिरंजीलाल राष्ट्रीय इण्टर कालेज, किदवई नगर में अहिल्याबाई होल्कर शिक्षा एवं समाजोत्थान संस्थान तथा अखिल भारतीय पाल समाज की कानपुर रोड शाखा द्वारा सम्मिलित रूप से 9 फरवरी 2020 को आयोजित हुआ। इस अवसर पर अति मेधावी छात्र-छात्राओं, निर्माणाधीन सभागार के दानदाताओं तथा समाजसेवियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने भारी संख्या में उपस्थित होकर अति मेधावी छात्र-छात्राओं तथा समाजसेवियों को आशीर्वाद तथा समाजसेवियों के प्रति हार्दिक आभार प्रकट किया।
समारोह का शुभारम्भ लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के चित्र के समक्ष दीप जलाकर तथा पुष्पाजांलि से हुआ। बच्चों ने अनेक मनमोहक तथा सन्देशपरक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति धनगर पाल कुटम्ब 2020 स्मारिका का विमोचन मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया। समारोह में कार्यक्रम संरक्षक पूर्व सांसद राजा राम पाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री, महाराष्ट्र सरकार महादेव जानकर, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के विधायक राजकुमार पाल, एसएल अक्कीसागर, भागीरथ पाल, श्रीमती गिरिजेश पाल, श्रीमती लीला देवी पाल, कैलाश पाल, राजेश पाल, समाजसेवी उमा शंकर पाल आदि के सारगर्भित सम्बोधन तथा उपस्थिति ने सभी को अत्यधिक उत्साहित किया। सभी राजनैतिक पार्टियों के राजनेताओं एक मंच पर एकत्रित होकर समाज की एकता का जयघोष किया।
लखनऊ के जय जगत समर्थक उमा शंकर पाल, वरिष्ठ समाजसेवी, संजीव कुमार शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, डी.एन. वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार, जगजीवन प्रसाद पाल, धनगर विजय कुमार पाल, राहुल पाल व प्रिन्स पाल, शुक्ल बाजार, अमेठी, लखनऊ से श्रीमती उमा सिंह, वोटरशिप समर्थक इन्द्रजीत, वोटरशिप समर्थक मनीष, संदीप पाल, लक्ष्मी पाल, एकता पाल, विश्व पाल, की ओर से ‘‘जय जगत तथा वोटरशिप बुक स्टाॅल’’ लगाया गया जो कि समारोह का विशेष आकर्षण के केन्द्र रहा। इस बुक स्टाॅल का संयोजन जय जगत तथा वोटरशिप विचार के चिन्तक पी.के. सिंह पाल द्वारा किया गया।
समारोह के प्रारम्भ में बोलते हुए जय जगत तथा वोटरशिप विचार के चिन्तक पी.के. सिंह पाल ने कहा कि जाति-धर्म तथा संकुचित राष्ट्रीयता के नाम से दुनिया में बहुत खून बहा है। और वर्तमान में भी बह रहा है। अब समय आ गया है इस सच्चाई को अब साहस के साथ दुनिया को बताना है कि ईश्वर एक है, धर्म एक है तथा मानव जाति एक है। यह बहुत बड़ी त्रासदी है कि जाति-धर्म तथा राजनीति क्षेत्रों के नेतागण इस सच्चाई को बताने का साहस नहीं कर पा रहे हैं। उनकी चुप्पी संसार का बहुत नुकसान कर रही है। आगे उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर समाज की सेवा की थी। उन्होंने अपने होलकर राज्य से बाहर जाकर अन्य राज्यों में उस समय की आवश्यकता के अनुसार मंदिर, कुऐं, धर्मशालायें बनवायी। इस प्रकार उनके प्रेम का दायरा अपने राज्य रूप देश तक ही सीमित न होकर सारी मानव जाति के लिए था। उनका नारी हृदय कभी युद्ध के पक्ष में नहीं रहा था। वह युद्धों में किसी का खून बहाना सहन नहीं कर सकती थी।
श्री पाल ने कहा किवर्तमान में विश्व की अधिकांश सरकारें घातक हथियार बनाने तथा एकत्रित करने की होड़ में शामिल हैं। यह एक सच्चाई है कि देश की जनता टैक्स वेलफेयर के लिए देती है लकिन दुनिया भर की सरकारें उसे सुरक्षा के नाम पर वाॅरफेयर पर खर्च करती हैं। देश की जनता रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रहती हैं। यदि हमारी जाति के 20-22 करोड़ एकजुट होकर जय जगत तथा वोटरशिप की आवाज बुलन्द कर दें तो यह कार्य बहुत आसान हो जायेगा। समारोह का संचालन तथा भव्य आयोजन में रामकृपाल पाल, अघ्यक्ष, सियाराम पाल, उपाध्यक्ष, इं. जगदीश पाल, अध्यक्ष, बृजेश प्रताप सिंह पाल, महामंत्री, भजनलाल पाल, कोषाध्यक्ष, इं. होरीलाल पाल आदि विशेष योगदान दिया। पाल समाज के इस 12 एकड़ के विशाल क्षेत्र में सभी प्रकार जन सुविधाओं से युक्त अनेक निर्माण कराकर विश्व के गड़रिया समाज का महातीर्थ बनाने की महात्कांक्षी योजना है। करोड़ों रूपयों के बजट की इस महात्कांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए तन, मन तथा धन से योगदान करने के लिए दानदाताओं को आगे आने का आह्वान किया गया।
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