होम असम में बंद होंगे संस्कृत स्कूल और मदरसे, बदले में खुलेंगे नए स्कूल
असम में बंद होंगे संस्कृत स्कूल और मदरसे, बदले में खुलेंगे नए स्कूल
असम सरकार ने राज्य के सभी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को बंद करने का फैसला किया है। इन जगहों पर सरकार नए स्कूल खोलने जा रही है। राज्य के शिक्षा मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि अरबी या अन्य धार्मिक शिक्षा देने की जिम्मेदारी सरकार की नहीं है। इसलिए हमने अगले चार से पांच महीनों में सरकार द्वारा संचालित मदरसों को बंद करने का फैसला किया है।
असम सरकार के मदरसा शिक्षा बोर्ड के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा संचालित कुल 612 मदरसे हैं। इन मदरसों में इस्लामिक शिक्षा देने के साथ-साथ अन्य विषयों की भी पढ़ाई होती है।
मदरसा के साथ-साथ सरकार ने सरकार के अनुदान पर चलने वाले 101 संस्कृत विद्यालयों को भी बंद करने का फैसला किया है। इन संस्कृत विद्यालयों में वैदिक शिक्षा के साथ-साथ अन्य विषयों की भी पढ़ाई होती है।
इन मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की जगह 10वीं और 12वीं के नए स्कूल खोले जाएंगे। मंत्री ने कहा कि सरकार को प्राइवेट मदरसों और संस्कृत स्कूलों से कोई आपत्ति नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रिटायरमेंट तक इन स्कूलों के शिक्षकों को सैलरी मिलती रहेगी, लेकिन वे कोई क्लास नहीं ले सकेंगे।
इससे पहले मई 2017 में हिमंत विश्व शर्मा ने एक फैसला लिया था जिसमें कहा गया था कि राज्य के सभी मदरसों और संस्कृत स्कूलों में कंप्यूटर की पाढ़ाई होगी।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।