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समाचारदेश Alert Star Digital Team Jul 29, 2026 04:45 PM

Anti Paper Leak Bill Passed: लोकसभा में हंगामे के बीच ध्वनि मत से मिली मंजूरी, विपक्ष और सरकार में तीखी बहस

लोकसभा ने लंबे समय तक चली चर्चा और तीखी बहस के बाद एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक (Anti Paper Leak Amendment Bill) को ध्वनि मत से पारित कर दिया। बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर जोरदार नोकझोंक देखने को मिली।

Anti Paper Leak Bill Passed: लोकसभा में हंगामे के बीच ध्वनि मत से मिली मंजूरी, विपक्ष और सरकार में तीखी बहस

लोकसभा ने लंबे समय तक चली चर्चा और तीखी बहस के बाद एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक (Anti Paper Leak Amendment Bill) को ध्वनि मत से पारित कर दिया। बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर जोरदार नोकझोंक देखने को मिली। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर सदन में हंगामा भी हुआ। बिल पारित होने की घोषणा के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

एंटी पेपर लीक बिल पर विपक्ष को लेकर सरकार का हमला

लोकसभा में विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण और युवाओं के भविष्य से जुड़े विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटा रहा। उन्होंने कहा, "विपक्ष का आचरण बेहद निराशाजनक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाले इतने गंभीर और महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीति कर रहा है. विपक्ष के नेता ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह न केवल असंसदीय थी, बल्कि इतनी अनुचित थी कि मैं उसे दोहराना भी नहीं चाहूंगा. यदि कोई खुद को शिक्षित और संसदीय परंपराओं से परिचित मानता है, तो उसे पता होना चाहिए कि सदन के भीतर ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया जा सकता."

राहुल गांधी के बयान पर जितेंद्र सिंह का पलटवार

बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, "इस देश के युवाओं को, जो देश का भविष्य हैं, 'मूर्ख' कहना इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है. मुझे आश्चर्य होता है कि क्या उन्हें संसदीय कार्यवाही के बुनियादी नियमों और मर्यादाओं की भी जानकारी है."

जितेंद्र सिंह ने 21 जुलाई की घटना का उल्लेख करते हुए विपक्ष के नेता पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा, "21 जुलाई को विपक्ष के नेता शायद किसी विशेष सोच के कारण प्रधानमंत्री के आवास 7 एलकेएम के बाहर जाकर बैठ गए. ऐसा लगा मानो उनकी गहरी इच्छा थी कि देश उन्हें चुने और 7 एलकेएम में बैठाए. जब यह इच्छा पूरी नहीं हुई तो वे निराश और हताश होकर वहां के गेट पर जाकर बैठ गए. जब उन्हें विनम्रता से समझाया गया कि ऐसा व्यवहार उनके पद और कद के अनुरूप नहीं है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें बस वहां से हटा दिया जाए."

गोली चलाने के आरोपों पर भी दिया जवाब

सदन में उठे एक अन्य मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है, उसमें गोली नहीं चलाई गई थी। उन्होंने कहा कि केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था और गोली चलाने का कोई आदेश नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा, "बार-बार स्पष्ट किया गया है कि कोई गोली नहीं चली. जब गोली चली ही नहीं, तो गोली चलाने के आदेश का सवाल ही नहीं उठता. इस तरह का आदेश देने का अधिकार मंत्री के पास नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट के पास होता है."

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