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ब्राह्मण का संकल्प, अखिलेश ही विकल्प की चौतरफा लगी होर्डिंग
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा से नाराज चल रहे ब्राह्मणों को साधने के लिए नया दांव खेल दिया है। आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने रविवार को गोसाईगंज के पास स्थित महुराकलां गांव में नवनिर्मित भगवान परशुराम की मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर में पूजा अर्चना की और ब्राह्मणों को साधने की अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए दसवें चरण की समाजवादी विजय यात्रा की शुरुआत की। परशुराम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना हुई। मंदिर के कार्यक्रम में काशी के डमरू दल के 101 युवा डमरू ध्वनि कर रहे थे तथा काशी, मथुरा, अयोध्या और प्रयागराज से आए साधु संत, मंत्रोच्चार कर रहे थे। इसके साथ ही 551 वेद पाठी ब्राह्मण अलग वैदिक मंत्रोच्चार कर रहे थे। पूरे परिसर में 'ब्राह्मण का संकल्प अखिलेश ही विकल्प' लिखे नारों की होर्डिंग लगी थी।
इस कार्यक्रम से जुड़ी हुई तस्वीरें भी अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर साझा की। जिसमें उन्होंने लिखा कि जय-जय श्री परशुराम हो, सर्व शुभम्-कल्याण हो!!! इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से फोटो साझा की। इन तस्वीरों में अखिलेश यादव एक हाथ में फरसा जो दूसरे हाथ में चक्र पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि अखिलेश इसके माध्यम से भाजपा से नाराज चल रहे ब्राह्मणों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ब्राह्मण समाज से एक वादा भी किया। अखिलेश ने कहा कि अगर सूबे में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो भगवान परशुराम जयंती की छुट्टी को फिर से बहाल किया जाएगा, जिसे भाजपा सरकार ने रद्द कर दिया है।
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