होम सांसद अरुण सागर ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री को पत्र देकर,तिलहर के कछियानी खेड़ा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का सौंदर्यीकरण-जीर्णोद्धार कराने की करी मांग
मंत्री जयवीर सिंह ने पत्र का संज्ञान लेकर अगले वित्तीय वर्ष में धन आवंटित कराने का दिया आश्वासन
शाहजहांपुर | सांसद अरूण सागर ने लखनऊ में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह से मुलाकात कर उनको पत्र दिया है। जिसमे सांसद ने तिलहर के कछियानी खेड़ा स्थित प्रसिद्ध प्राचीन हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण-जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिर के अंदर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने स्वच्छ पेयजल, बैठने की व्यवस्था, टाइल्स, मंदिर परिसर में बाउण्ड्री निर्माण, सामुदायिक भवन, प्रकाश आदि की व्यवस्था करवाये जाने की मांग की। मंत्री ने पत्र का संज्ञान लेकर अगले वित्तीय वर्ष में धन आबंटन करवाकर मंदिर का सौंदर्यीकरण/जीर्णोद्धार का कार्य करवाये जाने का आश्वासन दिया। सांसद ने उनका आभार जताया है ।
सांसद अरुण सागर ने बताया कि उन्होंने खछियानी खेड़ा स्थित हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण-जीर्णोद्धार के लिए मंत्री जयवीर सिंह को पत्र दिया है। उन्होंने कहा कि ये मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और समाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और विशेष अवसरों पर भारी संख्या में भक्तो की भीड़ जुटती है ।मंदिर क्षेत्र वासियों के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर में स्वच्छ पेयजल, बैठने की व्यवस्था, छायादार स्थान, शौचालय और प्रकाश का भी अभाव है। साथ ही मंदिर के सौंदर्यीकरण और परिसर के विस्तार की भी आवश्यकता है। ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो और मंदिर का ऐतिहासिक महत्व और गरिमा बनी रहे। उन्होंने कहा कि मंदिर का सौंदर्यीकरण-जीर्णोद्धार होने से न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था को बल मिलेगा बल्कि ये मंदिर क्षेत्र के पर्यटन और धार्मिक महत्व को भी बढाएगा। सांसद ने कहा कि मंत्री जयवीर सिंह ने उनके पत्र को गंभीरता से लेकर अगले वित्तीय वर्ष में धन आवंटित करने का आश्वासन दिया है। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार में मंदिरों के सौंदर्यीकरण-जीर्णोद्धार के लिए खास ध्यान रखा जा रहा है। भाजपा सरकार में जितना विकास कराने और युवाओं को रोजगार देने देने पर जोर दिया जा रहा है। उतना ही धार्मिक आस्था को मजबूत करने का कार्य भी किया जा रहा है।
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