होम दिल्ली में अफीम कृषि नीति की वार्षिक बैठक में 18 बिंदुओं पर सांसद अरुण सागर ने की चर्चा,कहा शाहजहांपुर में अफीम खेती के लिए लाइसेंस धारकों की संख्या बढ़ाई जाए

समाचारदेशअर्थ व बाजारप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेशबिहारदिल्ली Alert Star Digital Team Aug 20, 2025 09:20 PM

दिल्ली में अफीम कृषि नीति की वार्षिक बैठक में 18 बिंदुओं पर सांसद अरुण सागर ने की चर्चा,कहा शाहजहांपुर में अफीम खेती के लिए लाइसेंस धारकों की संख्या बढ़ाई जाए

बैठक में अलग अलग जिलों के सांसद रहे मौजूद,अफीम खेती और अफीम काश्तकारों को कानूनी तौर पर राहत देने की मांग

दिल्ली में अफीम कृषि नीति की वार्षिक बैठक में 18 बिंदुओं पर सांसद अरुण सागर ने की चर्चा,कहा शाहजहांपुर में अफीम खेती के लिए लाइसेंस धारकों की संख्या बढ़ाई जाए

शाहजहांपुर | भाजपा सांसद अरुण सागर ने बैठक के दौरान वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को पत्र देकर अफीम की खेती करने वाले काश्तकारों को सहूलियत के कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि लाइसेंस धारक की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारी को लाइसेंस हस्तांतरण में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिससे किसानों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आग्रह किया है कि नियमों का पालन करने वाले और उच्च गुणवत्ता वाली फसल देने वाले किसानों को वित्तीय प्रोत्साहन या पुरूस्कार प्रदान किए जाएं। इसके अलावा भी कई अहम बिंदुओं पर भी बैठक में चर्चा हुई है। सांसद ने कहा कि उनको पूरी उम्मीद है कि मेरे द्वारा दिए गए सुझाव पर विचार किया जाएगा और बहुत जल्द अफीम की खेती करने वाले लाइसेंस धारकों को राहत मिलेगी। 

सांसद अरुण सागर ने बैठक के दौरान कहा कि लाइसेंस धारक की मृत्यु के बाद उनके कानूनी वारिस बेटा, बेटी, पति, पत्नी या अन्य उत्तराधिकारी को लाइसेंस हस्तांतरण के लिए एक स्पष्ट और सरल नीति बनाई जाए। इस नीति में वारिस को प्राथमिकता दी जाए। हस्तांतरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची स्पष्ट हो,जैसे मृत्यु प्रमाणपत्र,उत्तराधिकारी का प्रमाणपत्र,आधार कार्ड और भूमि स्वामित्व के कागज इन दस्तावेजों के आनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा करने की सुविधा हो, ताकि किसानों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लाइसेंस हस्तांतरण की प्रक्रिया को तीस दिन के अंदर पूरा किया जाए। ग्रामीणों क्षेत्रों में पंचायतों, सहकारी समितियों और नारकोटिक्स ब्यूरो के स्थानीय कार्यालयों के माध्यम से वारिसो को लाइसेंस हस्तांतरण के बारे में जागरूक किया जाए। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय सहायता केंद्र भी बनाया जाए। हस्तांतरण प्रक्रिया के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी गठित की जाए जो ये सुनिश्चित करे कि पात्र वारिसों को बिना किसी अनावश्यक देरी और बगैर भेदभाव के लाइसेंस मिले हैं। सांसद ने कहा कि इस नीति से उन परिवारों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से अफीम की खेती पर निर्भर हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा एवं किसानों के अंदर विश्वास बढ़ेगा। 

सांसद ने बैठक में आग्रह किया है कि शाहजहांपुर में अफीम की खेती के लिए लाइसेंस धारकों की संख्या को बढ़ाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि लाइसेंस सिर्फ उन किसानों को दिया जाए जिनके पास उपजाऊ भूमि और सिचाई की सुविधा उपलब्ध हो। अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला किसानों और गरीब वर्ग के लिए विशेष कोटा निर्धारित किया जाए जिससे समावेशिता सुनिश्चित हो। सांसद ने कहा कि उन्होंने पत्र के माध्यम से किसानों को राहत देने के लिए 18 बिंदुओं पर चर्चा की है। इन बिंदुओं पर विचार कर अगर नीति बनाई गई तो अफीम की खेती करने वाले किसानो को बड़ी राहत मिलेगी।

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