होम शाहजहांपुर: अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार
अभियुक्तों के कब्जे से 10 एटीएम, 04 पासबुक, चेकबुक, खातों के विवरण, जाली आधार कार्ड आदि बरामद किया गया
शाहजहांपुर।(Nandlal Singh)थाना सदर बाजार की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर सदर बाजार थाना क्षेत्र के खिरनी बाग के पास धर्मशाला में अचानक छापेमारी कर बिहार के जलसाजों सहित पांच शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया।अभियुक्तों के कब्जे से 10 एटीएम, 04 पासबुक, चेकबुक, खातों के विवरण, जाली आधार कार्ड आदि बरामद किया गया। इस संबंध में थाना सदर बाजार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
पकड़े गए शातिर ठगो ने पुलिस की पूछताछ में बताया की बिहार में काफी बड़े पैमाने पर पूरे देश के लोगों से फोन व इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न तरीकों से ठगी करके उनके अकाउंट से रुपयों की ठगी करने का काम होता है जिसके लिए उनको काफी अधिक मात्रा में बैंक अकाउंट की आवश्यकता होती है जिससे कि ठगी से प्राप्त रुपयों का लेनदेन किया जा सके । यह अपराधी इतने शातिर है कि ठगी करते ही पीडित के खाते से प्राप्त रूपयों को विभिन्न बैकों के खातों में ट्रांसफर कर- कर के पुलिस का समय व्यर्थ करते हैं जिससे कि पुलिस अगर एक बैंक खाते तक पहुँचती थी उससे पहले ही खाते से रूपये अन्य खातों मे ट्रास्फर कर एटीएम से पैसा निकाल लेते थे ।
इसी क्रम में जनपद नालंदा बिहार के रहने वाले अरविंद व विकास ने अकाउंट का इंतजाम करने का काम सचिन व गौतम को दिया था जो कि वहां से यहां खातों का इंतजाम करने आते थे । यहां उनका संपर्क बालिस्टर, राजेश व पवन मिश्रा से था जो शाहजहांपुर लखनऊ व खीरी आदि जनपदों में भोले भाले लोगों से बैंक के बाहर मिलते थे तथा उनको लोन देने के नाम पर उनके नाम से नया बैंक अकाउंट खुलवा लेते थे तथा धोखधडी कर उनका एटीएम, चेकबुक, पासबुक आदि ले लेते थे तथा उनको बताया जाता था कि आपका अकाउंट खुल गया है आपका एटीएम चेक बुक और पासबुक कोरियर से आपके घर आ जाएगा । इसके बाद बालिस्टर, राजेश व पवन इन एटीएम, चेकबुक व पासबुक को प्रति एकाउंट 10000 रूपये में गौतम व पवन को दे देते थे जो इन खातों को ले जाकर बिहार में अरविंद व विकास को देते थे तथा उनसे 20 से 25 हजार प्रति अकाउंट नगद प्राप्त कर लेते थे । अरविंद का विकास लोगों से धोखाधड़ी करके इंटरनेट वर् फोन के माध्यम से विभिन्न तरीकों से धोखाधड़ी करके उनके अकाउंट से पैसा अपने अकाउंट अपने इन्हीं अकाउंट्स में इन्हीं बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करा लेते थे तथा उनको अधिक से अधिक अकाउंट में ट्रांसफर करने के बाद एक अकाउंट से पैसा एटीएम के माध्यम से नगद निकाल लेते थे।
इसके साथ साथ यह लोग जिनके बैंक अकाउंट लेते थे उन्हीं से उनका आधार कार्ड भी ले लेते थे तथा आधार कार्ड में एडिटिंग कर विभिन्न मोबाइल कंपनियों से सिम ले लेते थे तथा उन्हीं नंबर्स को यह लोग अलग में अकाउंट में अपडेट कर लेते थे तथा वह सिम अपने पास रखते थे जिससे कि वह उस पर यूपीआई आईडी, पेटीएम, गूगलपे, फोनपे व इंटरनेट बैंकिंग आदि बनाकर रुपयों का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते थे पुलिस को अभी तक इनके द्वारा 40 से अधिक विभिन्न बैंक अकाउंट की जानकारी प्राप्त हुई है जिसमें अब तक एक करोड से ऊपर के लेन देन का पता लगा है । अधिक पूछताछ की जा रही है पूछताछ के आधार पर अभी काफी बैंक अकाउंट और मिलने की संभावना है इसमें और अधिक पैसों का लेनदेन की जानकारी होगी। इनके अन्य साथियों की के बारे में भी जानकारी की जा रही है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।