होम UP में ओबीसी मतदाता इतने अहम क्यों? 2022 के लिए बीजेपी का कमंडल के साथ मंडल वाला प्लान
UP में ओबीसी मतदाता इतने अहम क्यों? 2022 के लिए बीजेपी का कमंडल के साथ मंडल वाला प्लान
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। राजनीतिक पार्टियां सत्ता की कुर्सी के लिए हर समीकरण बैठा रही हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एक ही मिशन है कि किसी भी तरह से देश और उत्तर प्रदेश के ओबीसी समुदाय (ओबीसी समुदाय) को अपने पाले में लाया जाए। उत्तर प्रदेश में बीजेपी अमित शाह का वही पुराना फॉर्मूला आजमाने की फिराक में है। अमित शाह 2013 में यूपी के बीजेपी प्रभारी थे। इसी के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी की झोली में बंपर सीटें चुनाव दर चुनाव आई थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से गैर यादव ओबीसी जातियों के 148 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया था। आगामी चुनाव में डेढ़ सौ से अधिक ओबीसी उम्मीदवारों पर पार्टी द्वारा दांव लगाने की योजना है।
गैर यादव ओबीसी को साधने में जुटी बीजेपी
यूपी के सवर्णों को ज्यादातर देखें तो बीजेपी के साथ मजबूती से खड़ा है। सूबे का मुस्लिम समाज मोटे तौर पर वे बीजेपी की तरफ नहीं जाते। ऐसे में बीजेपी ओबीसी और दलित समाज को सहेजने की कवायद शुरू कर दी है। बीजेपी ने ओबीसी आयोग की कमान सैनी समाज को कमान सौंपकर पश्चिम यूपी में एक बड़े ओबीसी वोटबैंक को मजबूती से जोड़े रखने की कवायद की और कुर्मी समुदाय को भी पिछड़ा आयोग में अहमियत मिली।
यूपी में ओबीसी वोट बैंक
उत्तर प्रदेश में ओबीसी वोट बैंक को देखें तो हर जिले में अलग-अलग ओबीसी जातियों का वर्चस्व दिखता है। मिर्जापुर, सोनभद्र, बरेली, उन्नाव, जालौन, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, इलाहाबाद, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपपुर, सिद्धार्थनगर और बस्ती में 12 फीसदी कुर्मी समुदाय का वर्चस्व है। वहीं फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, हरदोई, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया,बदायूं, कन्नौज, कानपुर देहात, जालौन, झांसी, ललितपुर और हमीरपुर में 7 से 10 फीसदी मौर्य और कुशवाहा जातियों का वर्चस्व है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।