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अखिलेश यादव पर निशाना, राहुल गांधी की तारीफ, सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर की क्या है मंशा
सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर अपने बयानों और अपने चौंकाने वाले फैसलों को लेकर चर्चा में रहते हैं। पिछले दो चुनावों में उन्होंने यूपी की दोनों बड़ी पार्टियों भाजपा और सपा के साथ मिलकर बारी-बारी से चुनाव लड़ा है।
चुनाव के बाद दोनों ही पार्टियों से अलग हो गए हैं। कभी योगी को निशाने पर लेते रहे ओपी राजभऱ के निशाने पर इस समय समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव हैं। इस बीच गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ कर दी।
राहुल गांधी की पदयात्रा पर राजभर ने कहा है कि वह एक मजे मजाए नेता हैं। विरासत के नेता हैं। संघर्ष कर रहे हैं। जब तक कांग्रेस ने संघर्ष किया सत्ता में रही। सपा और बसपा ने संघर्ष किया तो वे भी सत्ता में आए थे। अब भाजपा जनता के बीच संघर्ष कर रही है और सत्ता में है।
यहीं नहीं, संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा मुसलमानों के बारे में दिए गए बयान के साथ भी ओम प्रकाश राजभर खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा है कि संघ प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस, सपा और बसपा को यह डर हो गया है कि मुसलमान कहीं भाजपा के साथ न चले जाएं। उन्होंने कहा है कि इन दलों के नेताओं ने मुसलमानों के साथ राजनीाति की है। नेताओं का भला तो हो गया लेकिन मुसलमानों को कुछ नहीं मिला।
मुसलमानों को लेकर संघ प्रमुख के बयान के बाद राजनीतिक हल्के में चल रही चर्चाओं पर राजभर ने कहा कि संघ प्रमुख को किसी ने यह जानकारी दी होगी कि मुसलमानों के दिल में दहशत है। जिसके बाद उन्होंने मुलसमानों को हौसला देने वाली बात कही।
फतवे का असर खत्म हुआ
देश में मुसलमान स्वतंत्र है। आजादी के बाद सरकारी नौकरियों में मुसलमान 38 फीसदी थे। उस समय से लंबे समय तक कांग्रेस सत्ता में थी। कांग्रेस, सपा और बसपा ने सत्ता में रहते हुए मुसलमानों का इतना विकास किया कि नौकरियों में अब ये एक फीसदी नहीं रह गए हैं। देश व प्रदेश के मुसलमानों के बीच अब फतवे का असर खत्म हो गया है। मुसलमान भाईचारा की बातें कर रहे हैं।
मुसलमानों को सबसे अधिक धोखा सपा ने दिया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा इंवेस्टर्स समिट पर दिए जा रहे बयान पर राजभर ने कहा है कि अखिलेश अब बेरोजगारी पर बोल नहीं सकते हैं, इसलिए इंवेस्टर्स समिट पर ही बोल रहे हैं। प्रदेश में मुसलमानों और पिछड़ों को सबसे अधिक धोखा समाजवादी पार्टी ने ही दिया है।
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