होम CM Yogi On Janmashtami: आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, लेकिन आस्था नहीं..., जन्माष्टमी पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा संदेश
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों का उल्लेख करते हुए धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के महत्व पर बात की।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों का उल्लेख करते हुए धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के महत्व पर बात की। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अंधकार में जेल के भीतर हुआ, लेकिन उन्होंने समाज को प्रकाश का रास्ता दिखाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "श्रीकृष्ण का जन्म अंधकार में जेल में जन्म हुआ,लेकिन उन्होंने समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया. अनेक ऐसी घटनाएं हैं."
उन्होंने आगे कहा कि "धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए प्रभु का अवतरण हुआ, यह धर्म वही कर्तव्य है जो अन्याय के खिलाफ श्रीकृष्ण को कंस के खिलाफ और महाभारत युद्ध मे देखा." मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जीवन में भ्रम और संशय की स्थिति आती है, तब भगवान श्रीकृष्ण का संदेश प्रेरणा देने का काम करता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "जीवन में जब भ्रम संशय हो तो उस समय प्रेरणा प्रदान करने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हर भारतवासी श्रद्धा से अनुकरण करता है."
जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिरों और धार्मिक आस्था का जिक्र करते हुए कहा कि आक्रांता मंदिरों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन लोगों की आस्था और उनके मूल्यों को खत्म नहीं कर सकते।
सीएम योगी ने कहा, "आक्रांता मंदिर तो तोड़ सकता है, लेकिन आस्था नही..." उन्होंने आगे कहा, "वो मूर्तियां तोड़ सकते हैं,लेकिन मूल्य नही,वो मंदिरों के ऊपर अपनी इमारत खड़ी सकते हैं,लेकिन मन मे बसे श्रीराम,श्रीकृष्ण को वो कभी छू भी नही पाए!"
मुख्यमंत्री के इस बयान के दौरान उन्होंने भारत के इतिहास और धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था को खत्म करने के प्रयासों के बावजूद भारत की परंपरा और विश्वास कायम रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सोमनाथ मंदिर, अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों को इतिहास में कई बार नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन इसके बावजूद उनका पुनर्निर्माण हुआ और उनकी धार्मिक महत्ता बनी रही।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, "याद रखिये, सोमनाथ का मंदिर बार बार टूटा, लेकिन भारत ने उसे बार बार बनाया. अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर बार बार टूटा लेकिन आज अपनी अजेय पताका के साथ आज खड़ा है, काशी विश्वनाथ मंदिर बार बार टूटा लेकिन अहिल्याबाई होल्कर ने और आधुनिक भारत मे प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम को दिव्य स्वरूप दिया."
अपने संबोधन में सीएम योगी ने उन लोगों का भी जिक्र किया जिन्होंने भारत की आस्था और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास करने वाले लोग खुद इतिहास के पन्नों में खत्म हो गए, जबकि भारत अपनी परंपरा और संस्कृति के साथ आज भी आगे बढ़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "जिन लोगो ने हमे मिटाने का प्रयास किया,हमारी आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया,वो स्वयं इतिहास के पन्नो में मिट गए, कोई पूछने वाला नही है,हमारा भारत आज भी जीवित है,जागृत है,शास्वत रूप में अपनी यात्रा को लेकर चल रहा है.."
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को धर्म, सत्य, न्याय और अन्याय के खिलाफ संघर्ष से जोड़ते हुए भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख किया।
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