होम देश के जीर्ण-शीर्ण मंदिरों को गोद लेगी अखाड़ा परिषद, सीएम योगी को भेजेगी प्रस्ताव
देश के जीर्ण-शीर्ण मंदिरों को गोद लेगी अखाड़ा परिषद, सीएम योगी को भेजेगी प्रस्ताव
प्रयागराज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) ने देश भर में उपेक्षित और जीर्ण मंदिरों को अपनाने का फैसला किया है। एबीएपी ऐसे मंदिरों में मरम्मत कराकर पूजा की व्यवस्था करने को तैयार है। वह इन मंदिरों की आवश्यक मरम्मत कार्य करने के लिए राज्य सरकारों से उचित अनुमति चाहता है ताकि भविष्य में प्रशासनिक स्तर पर कोई समस्या न हो। इसके लिए एबीएपी के पदाधिकारी ने एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसे वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देंगे और उनसे इस संबंध में उचित कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे।अखाड़ा परिषद ने उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों का सर्वे किया है। परिषद के द्रष्टाओं द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में पता चला है कि प्रदेश भर में 40,000 से अधिक छोटे मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। ये सभी मंदिर शहरों, कस्बों, बाजारों और गांवों के बाहरी इलाके में स्थित हैं। जूना अखाड़े के मुख्य संरक्षक और एबीएपी के महासचिव महंत हरि गिरि ने दावा किया कि उनकी दुख भरी दास्तां के अलावा हमारे लिए इससे ज्यादा दुख की बात यह है कि उनमें न तो पूजा की व्यवस्था है और न ही उनकी उचित देखभाल की जाती है। इतना ही नहीं, ज्यादातर मंदिरों की जमीन फर्जी लीज पर निजी मालिकों को दे दी गई है। कुछ मामलों में, अन्य धर्मों को मानने वालों को पट्टे दिए गए हैं और उन्होंने अपनी पसंद के निर्माण के लिए जमीन का इस्तेमाल किया है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।