होम UP Election 2027: चंद्रशेखर आजाद का बड़ा दांव! किसी गठबंधन के बिना चुनाव लड़ेगी ASP, टिकट के लिए देना होगा इंटरव्यू
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले Chandrashekhar Azad की Azad Samaj Party (Kanshi Ram) ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी बड़े राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करके नहीं, बल्कि अपने दम पर लड़ेगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले Chandrashekhar Azad की Azad Samaj Party (Kanshi Ram) ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी बड़े राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करके नहीं, बल्कि अपने दम पर लड़ेगी।
पार्टी ने चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में टिकट के दावेदारों के लिए विशेष इंटरव्यू कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
आजाद समाज पार्टी ने उम्मीदवार चयन के लिए अलग रणनीति अपनाई है। पार्टी के अनुसार, विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं और कार्यकर्ताओं को इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना होगा।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद 13 जून से 18 जून तक लखनऊ में रहेंगे और इस दौरान संभावित उम्मीदवारों का व्यक्तिगत इंटरव्यू लेंगे। पार्टी ने साफ किया है कि यह सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि टिकट वितरण में इसका महत्वपूर्ण आधार होगा।
उम्मीदवारों को संगठन की तय कसौटियों पर खरा उतरना होगा, तभी उनके नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Sunil Kumar Chitaud के अनुसार, इंटरव्यू के दौरान केवल चंद्रशेखर आजाद ही नहीं, बल्कि संबंधित जोन प्रभारी, मुख्य मंडल प्रभारी, मंडल प्रभारी, भाईचारा समिति के प्रभारी और जिला अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे।
ये सभी पदाधिकारी उम्मीदवारों के बारे में अपनी लिखित रिपोर्ट देंगे, जिसके आधार पर टिकट को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पार्टी ने इंटरव्यू के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। 13 जून को सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के दावेदारों का साक्षात्कार होगा। 14 जून को बरेली, आगरा और अलीगढ़ मंडल के उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा।
इसी क्रम में कानपुर, चित्रकूट और झांसी मंडल के प्रतिनिधियों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। 15 जून को लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के दावेदारों की बारी होगी। वहीं 16 जून को वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के उम्मीदवारों के इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
आजाद समाज पार्टी ने संकेत दिए हैं कि विधानसभा चुनाव में शिक्षा और रोजगार उसके प्रमुख चुनावी मुद्दे होंगे। पार्टी शराबबंदी और न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिदिन करने जैसे वादों को भी जनता के बीच लेकर जाएगी।
पार्टी का कहना है कि चुनावी घोषणाएं सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएंगी। यदि प्रदेश में उनकी सरकार बनती है तो रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
चंद्रशेखर आजाद ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और सीधे जनता के बीच पहुंचने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को किसी राजनीतिक "बैसाखी" की जरूरत नहीं है और जनता भी चाहती है कि आजाद समाज पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पार्टी अपनी सामाजिक और राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
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